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- किसान समर्थक कानूनों के विरोध को राजनीतिक धोखाधड़ी बताया पीएम मोदी ने
Posted by : achhiduniya
02 October 2021
दिल्ली की सीमाओं पर किसान लंबे समय से तीन कानूनों का विरोध कर
रहे हैं। किसान और सरकार पक्ष के बीच कई
दौर की बैठकें भी हो चुकी हैं, लेकिन अब तक किसी बड़े मुद्दे
पर सहमति नहीं बन पाई है। किसान लगातार तीनों कानूनों को वापस लिए जाने की मांग कर
रहे हैं। सरकार संशोधन का प्रस्ताव दे रही है। सुप्रीम कोर्ट ने भी कृषि कानूनों के लागू होने
पर रोक लगा दी थी। अंग्रेजी मैगजीन ओपन के साथ बातचीत में पीएम नरेंद्र मोदी ने
कहा, अगर आप देखें, जो लोग किसान समर्थक सुधारों
का विरोध कर रहे हैं,
तो आपको बौद्धिक कपट या
राजनीतिक धोखाधड़ी नजर आएगी। उन्होंने
कहा, जब बात आधार, जीएसटी, कृषि कानूनों और सुरक्षा बलों को हथियार देने जैसे गंभीर मामलों
पर भी आप ऐसी ही राजनीतिक धोखाधड़ी देख सकते हैं। पहले वादा करो और उसके लिए बहस करो, लेकिन
बाद में बगैर किसी नैतिक सूत्र के उसी चीज का विरोध करो। उन्होंने आरोप लगाए कि
कृषि कानूनों के मौजूदा विरोधी भी पहले यही बदलाव चाहते थे। उन्होंने कहा,ये वही लोग हैं, जो
मुख्यमंत्रियों को
ठीक वैसा ही करने के लिए कहते थे, जैसा
हमारी सरकार ने किया है। ये वही लोग थे जो अपने घोषणापत्र में लिखते थे कि हम वही
बदलाव लाएंगे,
जो हम लेकर आए हैं। उन्होंने कहा, लोगों की इच्छा का आशीर्वाद प्राप्त एक दूसरी पार्टी वही सुधार
ला रही है,
तो उन्होंने एकदम यू-टर्न ले लिया। हम छोटे किसानों की मजबूत करने
के लिए प्रतिबद्ध हैं। पीएम ने किसानों से असहमति पर चर्चा करने बात कही है। उन्होंने
कहा,सरकार पहले दिन से कह रही है कि जहां भी असहमति है,
सरकार साथ बैठने और उन मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। इसके
संबंध में कई बैठकें हुई, लेकिन अब तक कोई भी असहमति का
खास बिंदू लेकर सामने नहीं आया है कि हमे यह बदलाव चाहिए। पीएम मोदी ने तीन
कृषि कानूनों के विरोधियों पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने ‘किसान समर्थक’ कानूनों के विरोध को ‘राजनीतिक धोखाधड़ी’ बताया
है। पीएम मोदी ने साथ ही दोहाराया है कि सरकार किसानों के साथ चर्चा करने के लिए
तैयार है।



