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- ट्रांसफर-पोस्टिंग में धांधली के चलते अनिल देशमुख पर जांच की गिर सकती है गाज....
Posted by : achhiduniya
02 October 2021
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक केस की जांच में CBI ने पाया है कि जब अनिल देशमुख राज्य के गृहमंत्री थे तब कई
सीनियर अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग में कई तरह की लापरवाही बरती गई। सभी
ट्रांसफर पुलिस एसटाब्लिस्मेंट बोर्ड यानी पीईबी की मीटिंग के बाद हुए थे। ये
मीटिंग बीते सितंबर 2020 में हुई थी। वहीं, CBI टीम ने इस मीटिंग को अपने रड़ार में रखा हुआ है। महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के मुताबिक हाई-प्रोफाइल ट्रांसफर से
पहले पीईबी की मीटिंग जरुरी है। गौरतलब है कि प्रदेश में ट्रांसफर-पोस्टिंग से
जुड़ी
इस मीटिंग की अध्यक्षता एडिशनल चीफ सेक्रेटरी करते हैं, जबकि राज्य के मुखिया DGP और IG इस मीटिंग के वाइस चेयरपर्सन
होते हैं। इस मीटिंग में महाराष्ट्र पुलिस के अन्य कई सीनियर अधिकारी भी मौजूद
रहते हैं। इसके बाद ही ट्रांसफर-पोस्टिंग मामले को लेकर आखिरी फैसला लिया जाता है।
पुलिस के सीनियर अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े मामले की जांच कर रही CBI की जांच अपने अंतिम चरण पर पहुंच चुकी है। लिहाज CBI की टीम को जांच-पड़ताल
में पता चला है कि प्रदेश में लगभग 50
पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग में गड़बड़ी की आशंका हुई है। गौरतलब है कि प्रदेश
के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़
रुपए की वसूली के आरोपों की जांच कर रही CBI ने
राज्य के मुख्य सचिव सीताराम कुंटे और DGP संजय
पांडे को तलब भी किया है। देशमुख
बीते 3 महीनों से फरार चल रहे हैं। ऐसे में CBI की टीम के साथ प्रवर्तन निदेशालय भी मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रहा है।


