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खींच तान छोड़ विकास के मुद्दे पर सरकार के साथ मिलकर काम करे विपक्ष... उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने की अपील
Posted by : achhiduniya
06 October 2021
अगरतला में एक कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति एम वेंकैया
नायडू ने संबोधन में राजनीतिक दलों से एक-दूसरे का सम्मान करने की अपील की। पूर्वोत्तर
में विकास के बारे में नायडू ने कहा कि केंद्र सरकार इस विशेष ध्यान दे रहा है और
इसलिए यहां के फंड को डबल कर दिया गया है अगर पूर्वोत्तर की एक दशक पहले से तुलना
की जाए तो आज यहां काफी विकास हुआ है। उन्होंने कहा,उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के विकास के बिना भारत का विकास अधूरा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां पर विकास की शुरुआत करने वाले हैं और त्रिपुरा में
यह दिखाई भी दे रहा है। नायडू ने कहा, भारत
सरकार ने पूर्वोत्तर में बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित किया है और त्रिपुरा
को इसका
हिस्सा मिला है। राज्य ने सामाजिक
और आर्थिक क्षेत्रों में भी विकास किया है। नायडू ने कहा कि त्रिपुरा में महाराजा
बीर बिक्रम हवाई अड्डे को एक इंटरनेशन एयरपोर्ट के तौर पर विकसित किया जाएगा। वहीं, उनाकोटि जिले में कैलासहर हवाई अड्डे को पुनर्जीवित करने और
हेलीकॉप्टर सेवा के लिए नए रास्ते तलाशने के लिए पहल की जा रही है। उपराष्ट्रपति
ने कहा, अतीत में, हमारे गांव और शहर कई जलाशयों
से युक्त हुआ करते थे। आधुनिकीकरण की चाह में मनुष्य ने लालच से
प्रेरित होकर
प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को कई जगहों पर नष्ट कर दिया है, जिससे जलाशय गायब हो गए हैं या उन पर अतिक्रमण कर लिया गया है। नायडू
अपनी पूर्वोत्तर की यात्रा के तहत रविवार को यहां पहुंचे। उन्होंने अपनी यात्रा की
शुरुआत ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे विरासत एवं सांस्कृतिक केंद्र का उद्धाटन करके
की। अभी कुछ दिन पहले ही उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने देश की नदियों को
पुनर्जीवित करने
की जरूरत पर एक प्रभावशाली राष्ट्रीय अभियान चलाने का आह्वान करते
हुए कहा कि इसे तात्कालिकता की भावना के साथ किया जाना चाहिए। नायडू ने कहा कि
भारत में नदियां जीवनदायिनी शक्ति के लिए हमेशा से पूजनीय रही हैं। उन्होंने कहा
कि बढ़ते शहरीकरण और औद्योगीकरण ने देश के विभिन्न हिस्सों में नदियों और अन्य
जलाशयों को दूषित किया है।