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- क्या वाकई पंखे की स्पीड को रेग्युलेटर से कंट्रोल कर बचाई जा सकती है बिजली...?
Posted by : achhiduniya
15 October 2021
देश में जहां एक तरफ कोयले के संकट के चलते बिजली संकट उभरने
की जानकारी सामने आ रही है वहीं सरकार इसे एक तथ्यहीन खबर बता रही है। बढ़ने बिजली के दामो से
हर व्यक्ति बिजली की बचत
कर अपने घर का बजट बनाए रखना चाहता है। घरों में सेलिंग के साथ टेबल और पैडेस्टल फैन्स होते हैं। सेलिंग
फैन की स्पीड रेग्युलेटर से कंट्रोल किया जाता है, वहीं
टेबल और पैडेस्टल फैन्स में इनबिल्ट स्पीड कंट्रोलर होते हैं। यहां सवाल यह है कि
अगर आप स्पीड कम करते हैं तो क्या ये फंसे कम बिजली खपत करते हैं या
फिर स्पीड
बढ़ाने पर ये ज्यादा बिजली खपत करते हैं? जिन घरों में आज भी पुराने इलेक्ट्रिकल
रेग्युलेटर का इस्तेमाल किया जाता है, उन्हें तुरंत
इलेक्ट्रॉनिक रेग्युलेटर से बदल देना चाहिए। दरअसल, पुराने
इलेक्ट्रिकल रेग्युलेटर में जो रेसिस्टर यानी प्रतिरोधक लगे होते थे वे बिजली की
बर्बादी करते थे। ये रिसिस्टर पंसे में वोल्टेज की आपूर्ति कम कर उसकी स्पीड तो
बढ़ा देते थे लेकिन इनके स्रोत से बिजली लेने की मात्रा में कोई बदलाव नहीं होता
था। इसमें रेसिस्टर यानी पंखे की स्पीड बढ़ाने या
घटाने का बिजली की खपत से कोई
सीधा संबंध नहीं होता था। पहले जो
इलेक्ट्रिक रेग्युलेटर इस्तेलाम किए जाते थे वो सस्ते होते थे। ऐसे रेग्युलेटर एक प्रतिरोधक
के तौर पर काम करते थे। ये रेग्युलेटर पंखे को सप्लाई किए जाने वाले वोल्टेज को घटाकर
उसकी स्पीड कम कर देते थे। इस तरह पंखे में तो बिजली की खपत कम होती थी लेकिन
रेग्युलेटर जो एक प्रतिरोधक के तौर पर काम करता था उसमें उतनी ही बिजली जाती थी। इन
दिनों इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक रेग्युलेटर के बारे में बात करते हैं। इलेक्ट्रॉनिक
रेग्युलेटर का रिजल्ट काफी अच्छा है। अगर आप अपने घरों
में इलेक्ट्रॉनिक
रेग्युलेटर का इस्तेमाल करते हैं तो निश्चित तौर पर आपके बिजली बिल पर असर पड़ेगा।
इन इलेक्ट्रॉनिक रेग्युलेटर के जरिए आप अपने फंखे की टॉप स्पीड और उसकी निम्न
स्पीड के बीच 30 से 40 फीसदी तक बिजली की बचत कर सकते हैं यानी इलेक्ट्रॉनिक
रेग्युलेटर वाले पंखे की स्पीड कम या ज्यादा करने के हिसाब से बिजली की खपत करते हैं। नए
इलेक्ट्रॉनिक रेग्युलेटर में ऊर्जा खपत का पैटर्न पंखे की स्पीड से तय होता है। इसके
साथ आप जितनी स्पीड से पंखा चलाएंगे वो उतनी अधिक बिजली की खपत करेगा। इसी तरह कम
स्पीड से पंखा चलाने पर वह कम बिजली की खपत करेगा।