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- आपकी जाती के नाम पर बनेगा कोड,बिहार में जातीय गणना के दूसरे चरण की शुरुवात 15 अप्रैल से...
Posted by : achhiduniya
04 April 2023
बिहार की नितीश कुमार सरकार ने अलग-अलग जातियों के लिए अलग-अलग कोड निर्धारित किए है, जिसका इस्तेमाल जातीय गणना में किया जायेगा। स्वर्ण से
लेकर अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग की जातियों के लिए कोड तय किया गया है। जैसे:- स्वर्ण
जातियों में कायस्थ का कोड 22, ब्राह्मण के लिए 128, राजपूत के लिए 171 तो
भूमिहार के लिए 144 है। कुर्मी जाति का अंक 25 और कुशवाहा कोइरी का 27 है।
यादव जाति में ग्वाला, अहीर, गोरा, घासी, मेहर, सदगोप, लक्ष्मीनारायण गोला के लिए कोड संख्या 167 है। पहले नंबर पर अगरिया जाति है वहीं 'अन्य' का कोड 216 है। केवानी जाति के लिए 215 कोड तय
किया गया है। हर जाति के
लिए एक अलग कोड
तैयार किया गया है जो अंकों में है। यह जाति आधारित गणना से सम्बंधित प्रपत्र के
अलावा पोर्टल और एप पर भी प्रकाशित होगा। दरअसल बिहार में 15 अप्रैल से जातीय जनगणना के दूसरे चरण की शुरुआत होने वाली है।
इसके पहले चरण में मकानों को नंबर देने का काम किया गया था। जबकि दूसरे चरण में 215 जातियों और एक अन्य के साथ कुल 216 जातियों की गणना होगा। जातियों की सूची और उसकी श्रेणी भी
तैयार कर ली गई है। पटना जिले में 12 हजार 831 गणना कर्मियों को 15 अप्रैल
से 15 मई तक 73 लाख 52 हजार 729 लोगों की गणना करनी है।
गणना
के दौरान जातियों के नाम के साथ उस जाति के लिए निर्धारित कोड को लिखा जायेगा। एक
व्यक्ति की गणना एक ही स्थान से होगी। यदि कोई दोहराव होगा तो एप या पोर्टल के
जरिये ये बात पकड़ में आ जाएगी। इस कोड या अंक का उपयोग भविष्य की योजनाएं तैयार
करने, आवेदन व अन्य रिपोर्ट में भी किया जा सकेगा। अन्य जातियों में
बनिया जाति के लिए 124 कोड संख्या निर्धारित की गई
है। जिसमें सूड़ी, गोदक, मायरा, रोनियार, पंसारी, मोदी, कसेरा, केसरवानी,
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