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- केस रफा-दफा करने 25 करोड़ रुपए की रिश्वत की मांग की थी समीर वानखेड़े ने
Posted by : achhiduniya
15 May 2023
एनसीबी
की विजिलेंस टीम ने जांच के बाद सीबीआई से इस मामले की जांच के लिए आग्रह किया था।
जांच में सामने आया कि मुंबई एनसीबी के जोनल डायरेक्टर और दूसरे आरोपियों ने केस
नंबर 94/2021 जो
एनसीबी ने दर्ज किया था, उसको
सेटल करने की एवज में तमाम तरह की रिश्वत की डिमांड की थी और कुछ पैसा रिश्वत के
तौर पर लिया भी था। मुंबई
एनसीबी के तत्कालीन जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने विजिलेंस टीम को अपने विदेशी
टूर के बारे में सही जानकारी नहीं दी थी। यहां तक कि विजिलेंस टीम को
विदेश दौरों
पर होने वाले खर्च के बारे में भी गलत जानकारी दी। पूछताछ में वानखेड़े विदेशी
दौरों को स्पांसर करने वालों की जानकारी भी नहीं दे पाए। इतना ही नहीं विजिलेंस
टीम को पता चला कि समीर वानखड़े विदेशी महंगी घड़ियों की खरीद फरोख्त करते हैं, जिसके बारे में उन्होंने
डिपार्टमेंट को भी कोई जानकारी नहीं दी थी। सीबीआई ने मुंबई एनसीबी के तत्कालीन
जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े समेत 4 अन्य लोग, जिनमें
विश्वा विजय सिंह, तत्कालीन
सुपरिटेंडेंट एनसीबी, आशीष
रंजन, तत्कालीन
इंटेलिजेंस
अधिकारी, मुंबई एनसीबी, केपी
गोसावी, संविले
डिसूजा और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन और आईपीसी की धाराओं
में केस दर्ज कर 29 ठिकानों
पर छापेमारी की है। बता दें कि इन सभी आरोपियों में केपी गोसावी वही शख्स है जिसकी
शाहरुख खान के बेटे आर्यन के साथ फोटो वायरल होने के विवाद खड़ा हो गया था। आरोपों
के मुताबिक एनसीबी को इन्फॉर्मेशन मिली थी कि एक प्राइवेट क्रूज शिप पर कुछ
प्राइवेट लोग ड्रग्स का सेवन कर रहे हैं
और उनके पास ड्रग्स हैं। आरोप है इस केस
में इन सभी आरोपियों ने 25 करोड़
रुपए की उगाही गिरफ्तार आरोपियों से करने को कोशिश की और धमकी दी ऐसा न करने पर
नारकोटिक्स बरामद होने के आरोप में फंसा दिया जाएगा। सामने आया कि इन सभी आरोपियों
ने टोकन एमाउंट के तौर पर 50
लाख रुपए ले भी लिए गए थे, जिन्हें बाद में लौटा दिया गया।
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