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- 4G 5G हुआ पुराना 6G का आने वाला है जमाना..अश्विनी वैष्णव
Posted by : achhiduniya
04 July 2023
दूरसंचार और इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर अश्विनी
वैष्णव ने कहा कि पहले दूरसंचार क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश [FDA] जुटाना एक चुनौती होती थी लेकिन वर्ष 2014 से लेकर 2023 के पिछले 9 वर्षों में यह बढ़कर 24 अरब डॉलर के करीब पहुंच चुका है। टेक्नोलॉजी का आयात करने वाला भारत अब
इसका निर्यातक बन चुका है। अब कई देश भारत में दूरसंचार उपकरणों का आयात करना चाह
रहे हैं। वैष्णव ने कहा कि भारत के दूरसंचार उपकरण विनिर्माताओं ने अमेरिका को
निर्यात करना शुरू भी कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगले दो-तीन साल में भारत में
पूरी तरह से डिजाइन और निर्मित पहली चिप भी बनकर आ जानी चाहिए। अमेरिकी
कंपनी
माइक्रोन के गुजरात में प्रस्तावित चिप संयंत्र का शिलान्यास अगले 40-45 दिन में होने की उम्मीद है। उन्होंने करीब
डेढ़ साल में इस संयंत्र से पहले चिप के आने उम्मीद जताई है। अश्विनी वैष्णव ने 6G को लेकर पड़ी जानकारी दी। यह सूचना आने
वाल समय में देश में शुरू होने वाली 6G
सर्विस पर एक बड़ा असर करेगी। उन्होंने सोमवार को कहा कि भारत को वर्ष 2030 तक वैश्विक 6G पेटेंट में 10% हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य रखना चाहिए।
वैष्णव ने भारत 6G गठजोड़ के उद्घाटन कार्यक्रम में कहा कि भारत अब दूरसंचार प्रौद्योगिकियों का निर्यातक बन चुका है और इसके पास पहले से ही 6G टेक्नोलॉजी से जुड़े करीब 200 पेटेंट हो चुके हैं। हमें वर्ष 2029 या 2030 तक 6G पेटेंट के मामले में भारत की हिस्सेदारी को न्यूनतम 10% तक ले जाने का लक्ष्य लेकर चलना चाहिए। भारत ने पहली बार 5G टेक्नोलॉजी के विकास कार्यक्रमों में अपना योगदान दिया है और हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के निकाय अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ [ITU] ने भारत को 6G ढांचे में भी शामिल किया है।
इस दिशा में
जारी प्रयासों को गति देने के लिए भारत 6G गठजोड़ का मंच तैयार किया गया है। वैष्णव ने कहा कि
यह गठजोड़ देश में कार्यरत अधिक संस्थानों और कंपनियों को 6G टेक्नोलॉजी के लिए अधिक पेटेंट आवेदन करने के लिए मिलकर काम करने को
प्रोत्साहित करेगा।