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- UAE दौरे से क्या हुआ हासिल भारत के लिए पीएम मोदी को..?
Posted by : achhiduniya
15 July 2023
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूएई की यात्रा पर रवाना होने से पहले
गुरुवार को एक बयान में कहा था कि दोनों देश व्यापार, निवेश, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, शिक्षा, फिनटेक, रक्षा, सुरक्षा और लोगों के बीच परस्पर मजबूत संबंधों
जैसे व्यापक क्षेत्रों में सक्रिय हैं। यूएई की यात्रा के दौरान पीएम मोदी यहां के
शीर्ष नेतृत्व के साथ खासतौर पर ऊर्जा, खाद्य
सुरक्षा एवं रक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत कर सकते हैं। इस दौरान दोनों रणनीतिक
साझेदार देश एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर हुई प्रगति की समीक्षा भी करेंगे। पीएम
मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति अल नाह्यान से मुलाकात के बाद कहा कि पिछले साल व्यापक
आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर हस्ताक्षर के बाद से भारत-यूएई व्यापार में 20 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। उन्होंने कहा कि
दोनों देशों में कुल व्यापार लगभग 85 अरब
अमेरिकी
डॉलर है। हम जल्द ही 100 अरब
अमेरिकी डॉलर के लक्ष्य को पूरा करेंगे। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली
अबू धाबी में कैंपस खोलेगा। पीएम मोदी की मौजूदगी में शिक्षा मंत्रालय और अबू धाबी
के शिक्षा एवं ज्ञान विभाग के साथ इस उद्देश्य से समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर
हस्ताक्षर किये गए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने यह जानकारी देते
हुए ट्वीट किया, आईआईटी दिल्ली का अबू धाबी परिसर पारस्परिक समृद्धि और वैश्विक भलाई
के लिए ज्ञान की ताकत का लाभ उठाने का खाका तैयार करेगा।
उन्होंने कहा कि
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में आईआईटी दिल्ली के अबू धाबी परिसर
स्थापित करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर से भारतीय शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण का
एक नया अध्याय शुरू होगा। भारत- यूएई का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
द्विपक्षीय व्यापार 84 अरब डॉलर से अधिक का है। वहीं, यूएई, भारत
का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और दूसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य स्थल है।
यूएई 2022-23 में भारत के लिए प्रत्यक्ष विदेशी
निवेश का चौथा सबसे बड़ा स्रोत था। वह भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी एक अहम
साझेदार है। यूएई, भारत के लिए कच्चे तेल का तीसरा और एलएनजी
एवं एलपीजी का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है। भारत-यूएई की साझेदारी पहले पारंपरिक
वस्तुओं के बिजनेस को लेकर शुरू हुई थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच पार्टनरशिप
तेल को लेकर मजबूत हुई।
साल 1971 में
यूएई फेडरेशन के निर्माण के बाद इसमें तेजी आई। फिर 1990 के दशक में भारत के आर्थिक सुधार अपनाने पर
दोनों देश के बीच रिश्ते मजबूत हुए। यूएई के प्रेसिडेंट शेख मोहम्मद बिन जायद अल
नाह्यान के साथ दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए व्यापक
बातचीत की। पीएम मोदी ने घोषणा की कि दोनों देश अपनी मुद्राओं में व्यापार शुरू
करने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की मुद्राओं में व्यापार के
लिए शनिवार को हस्ताक्षरित समझौता दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक सहयोग और आपसी
विश्वास को दर्शाता है। दोनों देशों की मुद्राओं में व्यापार पर यूएई के साथ
समझौते से द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इसको लेकर रिजर्व बैंक
ऑफ इंडिया और
सेंट्रल बैंक ऑफ यूएई ने एमओयू पर साइन
किए।