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- महाराष्ट्र चाचा [शरद पवार]-भतीजे [अजित] की लड़ाई कहीं भाजपा का न कर दे बेड़ागर्क
Posted by : achhiduniya
19 August 2023
बीते 2 जुलाई को
अजित पवार के साथ उनके समर्थक विधायक महाराष्ट्र मेंएकनाथ शिंदे के नेतृ्त्व वाली सरकार में शामिल हुए थे।
इस फैसले से शरद पवार की एनसीपी टूट गई न सिर्फ NCP
टूटी बल्कि
अजित पवार गुट ने पार्टी पर अधिकार का दावा भी ठोंक दिया। पार्टी का असली हकदार
कौन है, ये मामला चुनाव आयोग तक पहुंच चुका है,लेकिन इस फूट
के बावजूद शरद पवार और अजित पवार की मुलाकात ने महाराष्ट्र की सियासत को बेहद
दिलचस्प बना दिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस
पार्टी [NCP] में दो फाड़ होने के बाद जहां एक तरफ
शरद पवार मैदान में उतरकर लोगों के बीच पहुंचे रहे हैं वहीं, अब अजित
पवार गुट ने भी पार्टी को मजबूत करने पर जोर दे दिया
है। लोकसभा चुनाव की तैयारियां में राष्ट्रीय
और क्षेत्रीय दोनों दलों के नेता-कार्यकर्ता अपनी कमर कस चुके हैं। कोई कसर बाकी न
रह जाए, उसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इस बीच अजित पवार गुट
के मंत्रियों को भी टास्क मिल गया है। अजित पवार के साथ महाराष्ट्र सरकार में
शामिल सभी नौ मंत्रियों को अगल-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। डिप्टी सीएम अजित पवार को पुणे, सतारा, सांगली और
सोलापुर जिले की जिम्मेदारी दी गई है। एक बयान में इस बात की जानकारी दी गई। राकांपा सांसद और पार्टी के नेशनल वर्किंग कमेटी
के अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल को भंडारा, गोंदिया, अमरावती, वर्धा और
नागपुर जिले में पार्टी को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई है।
ये जिम्मेदारियां
एनसीपी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष ने तय की हैं। अजित पवार गुट ने सुनील तटकरे
को महाराष्ट्र एनसीपी का अध्यक्ष नियुक्त किया था। इस तरह से एनसीपी के सभी नौ
मंत्रियों को 36 जिलों में पार्टी को मजबूत करने की जिम्मेदारी गई है।
छगन भुजबल नासिक, मुंबई शहर और मुंबई उपनगर में पार्टी को
मजबूत करेंगे।
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