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- खरगे ने दिए 3 मंत्र कांग्रेस वर्किंग कमेटी में तय हुई भाजपा का किला भेदने की रणनीति....
Posted by : achhiduniya
17 September 2023
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा,आज ऐतिहासिक
दिन है। 1948 में आज ही के दिन हैदराबाद आजाद हुआ। कांग्रेस ने लंबी लड़ाई लड़ी। नेहरू
जी और सरदार पटेल ने हैदराबाद को मुक्त कराया। आज इस बैठक से ठोस संदेश का इंतजार
देश कर रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियां संविधान को बचाने की है। एससी, एसटी, ओबीसी, महिलाओं, गरीबों, अल्पसंख्यकों के अधिकारों को बचाने की
चुनौती है। कांग्रेस ने अपने 138 सालों के गौरवशाली इतिहास में एक से बड़ी
एक चुनौतियों पर विजय हासिल की है। खरगे ने कहा,अगले दो-तीन
महीने में पांच राज्यों में चुनाव होना है। मल्लिकार्जुन खरगे ने इस साल के अंत
में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव और उसके बाद लोकसभा चुनाव में जीत
के लिए पार्टी नेताओं को एकजुट होकर काम करने की नसीहत दी। जम्मू
कश्मीर में भी
विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। लोकसभा चुनाव महज छह महीने दूर हैं। इसलिए हमें वोटरों के साथ लगातार संपर्क में रहना है।
उनके सवालों का जवाब देना है। विरोधियों
द्वारा फैलाई जा रही झूठी बातों की काट करनी है और मुद्दा तथा तथ्यों पर आधारित
अपनी बात रखनी है। उन्होंने खास तौर पर नेताओं को नसीहत देते हुए कहा, संविधान और लोकतंत्र की बुनियाद कांग्रेस ने रखी है। इसलिए हमें इसे बचाना
होगा। कांग्रेस प्रेसिडेंट ने कहा,2024 में महात्मा गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष
बनने की शताब्दी है। बीजेपी को सत्ता से बेदखल करना ही गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि
होगी।
खरगे ने कहा, पिछले दिनों इंडिया गठबंधन की बैठक जब
मुंबई में हुई तो मोदी सरकार ने डाइवर्ट करने के लिए 'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर कमेटी बना दी। सारी परंपराओं को तोड़कर अपने एजेंडा के लिए पूर्व
राष्ट्रपति को भी शामिल कर लिया। सनातन धर्म को लेकर हुई कई आपत्तिजनक टिप्पणियों
के बीच नेताओं को अनर्गल बयानबाजी से बचने की नसीहत देते हुए उन्होंने कहा,ईगो या अपनी वाहवाही के लिए ऐसा कुछ ना करें कि पार्टी का नुकसान हो। डिसिप्लिन
में रहिए। नेहरू जी ने कहा था कि हमें हर काम देश की बात सोच कर बड़े मकसद के लिए
करना है। इस साल के आखिरी तक मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में होने वाले चुनाव और उसके बाद लोकसभा चुनाव से पहले
हुई इस बैठक में खरगे ने मूल रूप से तीन बिंदुओं पर जोर डाला।
पहली पार्टी की
ढांचागत मजबूती, दूसरी गुटबाजी छोड़कर एक दूसरे के साथ
मिलकर काम करने और तीसरी होने वाले चुनावों के लिए अचूक रणनीति बनाकर वोटरों से
लगातार संपर्क बनाए रखना। इस बैठक में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और
राहुल गांधी के अलावा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष CLP, विधान मंडल दल के नेता और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ( एआईसीसी) के
पदाधिकारी शामिल थे।
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