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- मस्जिदों के मौलवियों से संवाद मोहन भागवत का मुस्लिम प्रेम राजनीति की नई चाल या....?
Posted by : achhiduniya
24 September 2023
संघ का लक्ष्य आगामी लोकसभा चुनाव से पहले गैर हिंदुओं तक हर हाल में
पहुंचने का है। जानकारों का कहना है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत समाज के विभिन्न वर्गों में आरएसएस की स्वीकार्यता को
बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।पीएम मोदी भी पसमांदा
मुसलमानों की बात कर चुके हैं। आरएसएस का राष्ट्रीय मुस्लिम मंच पहले से मुसलमानों
के बीच काम कर रहा है। दलित समाज तक पहुंचने के लिए भी संघ ने अलग-अलग टोलियां
बनाई हैं। इसलिए संघ कार्यकर्ता इसाइयों, मुसलमानों और सिखों से मुलाकात कर भरोसा
जीतने की कोशिश करते हुए मैदान में नजर आएंगे। लोकसभा चुनाव से पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत का यूपी
प्रवास काफी अहम माना जा रहा है। मोहन
भागवत ने अवध प्रांत की बैठक को संबोधित किया। उन्होंने
संबोधन में सामाजिक समरसता, सामाजिक सद्भाव बढ़ाने पर जोर दिया।
भागवत ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से गुरुद्वारा, चर्च और मस्जिदों के प्रमुखों से मुलाकात करने को कहा,अवध प्रांत की
कार्यकारिणी की बैठक में आरएसएस के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम पर भी चर्चा की गई। आरएसएस
कार्यकर्ता अब मस्जिदों के मुतवल्ली और मौलवियों से संवाद करेंगे। संघ प्रमुख
अलग-अलग सत्र में जिला, विभाग प्रचारक और क्षेत्र प्रचारकों के
साथ बैठकें कर रहे हैं। इस दौरान संघ के कामकाज की समीक्षा की जा रही है और
पदाधिकारियों से फीडबैक भी लिया जा रहा है।


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