- Back to Home »
- Religion / Social »
- गंगा की मिट्टी से बनाई जाती है देवी दुर्गा की इको फ्रेंडली मूर्ति....
Posted by : achhiduniya
10 October 2023
नवरात्रि में कई जगहों पर माताजी की मूर्तियों की स्थापना की जाती है। इन्ही
प्रतिमाओं मे उदयपुर में कुछ विशेष है। यहां मूर्तियां गंगा नदी
की मिट्टी से बनाई जाती है और उन्हें बनाने वाले कारीगर बंगाल के होते हैं। बंगाल के
कारीगर शंकर के अनुसार उदयपुर में कई दशकों से आ रहे हैं, क्योंकि परिवार ही इसी से जुड़ा हुआ है। नवरात्रि के 3 माह पहले टीम के साथ उदयपुर आ जाते हैं और प्रतिमाएं बनाना शुरू कर देते
हैं। इसमें पहले सांचों को बनाया जाता है उसके बाद मिट्टी से प्रतिमाओं का रूप
दिया जाता है। इसमें माताजी
की,गणेश जी की सहित अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाएं बनाते हैं। प्रतिमाएं जिसका ऑर्डर आता है इसी अनुसार बनाकर
देते हैं। उदयपुर संभाग सहित राजस्थान के अन्य जिलों ने यह मूर्तियां जाती हैं। कारीगर
ने बताया कि कलकत्ता से गंगा नदी की मिट्टी लाई जाती है। इस मिट्टी से सिर्फ
प्रतिमा का चेहरा बनाया जाता है। शेष भाग स्थानीय मिट्टी का ही होता है। उन्होंने
बताया कि गंगा नदी की मिट्टी इसलिए क्योंकि उसमें रेत नहीं होती और सॉफ्ट होती है
इसलिए इस मिट्टी का उपयोग किया जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि सांचे बनाने के बाद
प्रतिमा का स्वरूप देते हैं और फिर सूखने को रख देते हैं। इसके बाद दरारें आती है
तो उस जगह गिला कपड़ा रख मिट्टी का लेप लगा देते हैं। इससे दरारें चली जाती है। इसके
बाद चूनर उड़ते हैं और पेंटिंग करते हैं। यह पूरी तरह से इको फ्रेंडली प्रतिमाएं
हैं।
.jpg)
.jpg)
.jpg)