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- मराठा आरक्षण पर महाराष्ट्र सरकार की मैराथन बैठक समाप्त निकला यह परिणाम...
Posted by : achhiduniya
01 November 2023
महाराष्ट्र
के मुख्य मंत्री एकनाथ शिंदे ने राज्य में मराठा आरक्षण आंदोलन
की वजह से बिगड़ रहे हालात को देखते हुए इस सर्वदलीय बैठक को बुलाई थी। सीएम शिंदे
ने कहा कि मराठा आरक्षण पर दो तरह से काम जारी है। बैठक में राज्य में शांति
व्यवस्था बनाए रखने को लेकर भी एक प्रस्ताव पास किया गया है। हमने मनोज जरांगे
पाटिल से आंदोलन स्थगित करने की अपील भी की है। खास बात ये है कि इस बैठक के लिए
उद्धव ठाकरे और उनकी पार्टी को आमंत्रण नहीं दिया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा था कि सीएम शिंदे विपक्षी नेताओं को स्थिति से निपटने के लिए सरकार की
योजनाओं से अवगत कराएंगे और उनका समर्थन मांगेंगे। पिछले कुछ दिनों में राज्य के
कई हिस्सों में हिंसा की घटनाएं देखी गई हैं। सूत्रों
से मिल रही जानकारी के अनुसार इस बैठक में राज्य में
लॉ एंड ऑर्डर बनाएं रखने को
लेकर सभी दल की एक साथ सहमति बनी थी। राज्य के सभी बड़े मराठा समाज के नेताओं को
विश्वास में लिया जाए। साथ ही विपक्षी नेताओं ने मांग की है कि केंद्र में BJP की सरकार है
ऐसे में इस आरक्षण के विषय पर संसद में शीतकालीन सत्र के समय बिल लाया जाए। महाराष्ट्र
सरकार ने मंगलवार को एक आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों से पात्र मराठा समुदाय के
सदस्यों को नए कुनबी जाति प्रमाणपत्र जारी करने को कहा, ताकि उनके लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत
आरक्षण लाभ प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हो सके।
सरकारी प्रस्ताव (जीआर) में
अधिकारियों से कुनबियों के संदर्भ वाले और उर्दू व मोड़ी लिपि (जिसका उपयोग पहले के समय में मराठी भाषा लिखने
के लिए किया जाता था) में लिखे पुराने दस्तावेजों का अनुवाद करने के लिए कहा,इन
दस्तावेजों का डिजिटलीकरण किया जाएगा, प्रमाणित
किया जाएगा और फिर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया जाएगा। यह फैसला ऐसे वक्त आया है
जब मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि सरकार द्वारा नियुक्त समिति ने 1.72 करोड़ पुराने दस्तावेजों (निजाम-काल सहित) की जांच की
और उनमें से 11,530 ऐसे रिकॉर्ड पाए गए जहां कुनबी
जाति का उल्लेख किया गया है। महाराष्ट्र
सरकार ने मंगलवार को एक आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों से पात्र मराठा समुदाय के
सदस्यों को नए कुनबी जाति प्रमाणपत्र जारी करने को कहा,
ताकि उनके लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के
तहत आरक्षण लाभ प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हो सके।
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