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- अपनी ही शादी का चूड़ा देखने से होती है दुल्हन के साथ अनहोनी क्या है रीति रिवाज की रहस्यमई कहानी...?
Posted by : achhiduniya
24 November 2023
हर धर्म समुदाय में शादी ब्याह में सभी दुल्हनों
को हाथों में चूड़िया पहनाई जाती है जिसे चूड़ा की रस्म कहते है। आज कल न सिर्फ पंजाबी दुल्हन बल्कि हर लड़की दुल्हन बनने पर चूड़ा पहनने
के लिए उत्सुक होती है। ये ट्रेंड नहीं बल्कि पंजाबियों की खास रस्म होती है। हिंदू संस्कृति में लाल
रंग
को सुहागन का प्रतीक माना जाता है। हिंदू
संस्कृति में कांच की लाल चूड़ियों को पहनना बहुत शुभ माना जाता है। चूड़ियां सोलह
शृंगार में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। पंजाबी दुल्हन के हाथों में कांच की चूड़ियां नहीं बल्कि पंजाबी चूड़ा
होता है। पंजाबी वेडिंग में चूड़ा सेरेमनी बहुत ही खास रस्म होती है। पंजाबी शादी में दुल्हन
के मामा दुल्हन को अपने हाथों से चूड़ा पहनाते हैं। जिसमें सफेद और लाल रंग की 21 चूड़ियां होती हैं। रीति रिवाज की मानें तो, जब मामा दुल्हन को चूड़ा पहनाते हैं तो दुल्हन की मां दुल्हन की आंखें
बंद कर देती है,जिससे वह चूड़े को नहीं देख पाए कहा जाता है कि दुल्हन यदि चूड़े को
देखती हैं तो नजर लग जाती है या किसी अनहोनी होने
की संभावना बड़ जाती है। दुल्हन अपने चूड़े
को नहीं देखती है।
कहा जाता है जब दुल्हन पूरा तैयार होने के बाद मंडप पर दूल्हे
के साथ बैठ जाती है तब वह इस चूड़े को देख पाती है।पंजाबी रिवाज के मुताबिक, दुल्हन को 11 दिन से लेकर
सवा साल तक चूड़ा पहनना पड़ता है, चूड़ा सुहागन
का प्रतीक माना जाता है। हालांकि आजकल दुल्हन सिर्फ 40 दिनों तक ही चूड़े को पहनती है।
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