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- संसद में पैसे लेकर सावल पूछने वाले कांड में आया नया मोड़...
Posted by : achhiduniya
03 November 2023
बीजेपी सांसद और
संसदीय आचार समिति की सदस्य अपराजिता सारंगी ने एथिक्स कमेटी में महुआ मोइत्रा की
पेशी के दौरान क्या-क्या हुआ था, उसका ब्योरा देते हुए
उन्होंने बताया कि एथिक्स कमेटी के सामने टीएमसी सांसद ने खुद अपनी पर्सनल बातें
साझा की थीं,जबकि कमेटी मेंबर्स
कारोबारी हीरानंदानी द्वारा दायर हलफनामे तक सीमित रहना चाहते थे, जब उनसे हलफनामे से जुड़े सवाल पूछे जाने लगे तो
वह भड़क गईं और एथिक्स कमेटी के चेयरमैन और मेंबर्स के साथ गंदी भाषा का इस्तेमाल
करने लगीं। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष को 15 अक्टूबर को लिखे एक पत्र में आरोप लगाया था कि
मोइत्रा द्वारा लोकसभा में हाल के दिनों
तक पूछे गये 61 प्रश्नों में से 50 प्रश्न अडाणी समूह पर केंद्रित थे। इसके बाद महुआ मोइत्रा के
कैश-फॉर-क्वेरी मामले पर सवाल उठे थे। पत्र में आरोप लगाया गया था कि मोइत्रा ने
अडानी समूह को टारगेट करने के लिए व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी से रिश्वत ली थी। TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर लगे कैश फॉर क्वेरी के
आरोप पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे का कहना है कि उन्होंने (महुआ मोइत्रा) जनता
के सामने एक गलत नैरेटिव बनाने का प्रयास किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक
आईटी मिनिस्ट्री ने कमेटी के बताया है कि महुआ की आईडी से दुबई से कम से कम 47 बार लॉगिन किया गया था।
कमेटी ने बीते 26 अक्टूबर को हुई बैठक के बाद तीनों मंत्रालयों से
जानकारी मांगी थी। संसदीय आचार समिति की सदस्य अपराजिता सारंगी ने बताया कि पेशी
के दौरान टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने शालीनता की सारी हदें पार कर दी थीं। हमने मोइत्रा को हमारे सवालों का जवाब देने के लिए
बुलाया था। इस दौरान कमेटी चेयरमैन विनोद सोनकर ने
उनसे कुछ सवाल पूछे। उनके सवाल कारोबारी दर्शन हीरानंदानी द्वारा दिए हलफनामे तक
सीमित थे। इसलिए हलफनामे से बाहर जाने का
सवाल ही नहीं उठता। सारंगी ने आगे बताया कि महुआ मोइत्रा
एक घंटे से अधिक समय तक बात करती रहीं। इस दौरान उन्होंने अपने पर्सनल लाइफ के
बारे में भी बातें की, जिसमें
शायद ही किसी मेंबर्स को दिलचस्पी थी। एथिक्स कमेटी की मेंबर सारंगी ने कहा,जब कमेटी वापस हलफनामे से जुड़े सवालों पर आई तो
महुआ अपना आपा खो बैठीं और चेयरमैन और अन्य सदस्यों के खिलाफ गंदी भाषा का इस्तेमाल
करने लगीं। उनका आचरण बेहद अहंकारभरा था। वह बहुत
असभ्य थीं। वह एक फर्जी कहानी बनाने की कोशिश कर रही हैं और खुद को पीड़ित दिखाकर
विक्टिम कार्ड खेलकर देश की जनता को गुमराह कर रही हैं।
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