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- विपक्षी सांसद संख्या कम फिर भी अमित शाह ने पेश किए आपराधिक कानूनों को बदलने के लिए 3 विधेयक....
Posted by : achhiduniya
19 December 2023
केंद्र सरकार ने मौजूदा आपराधिक कानूनों को बदलने के लिए 3 विधेयकों को संसद में विचार के लिए रखा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आपराधिक कानून संशोधन से जुड़े तीन नए बिलों को
लोकसभा में पेश किया। संसद के शीतकालीन सत्र के 12वें दिन मंगलवार (19 दिसंबर) को 49 सांसदों के निलंबन के साथ ही लोकसभा में विपक्ष के अब तक 95 सांसद निलंबित किए
जा चुके हैं। ऐसे में सदन में विपक्ष की ताकत घटकर एक-तिहाई रह गई है। कानूनों में क्या होंगे
बदलाव? IPC में
फिलहाल 511 धाराएं हैं। इसके
स्थान पर भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद इसमें 356 धाराएं
रह जाएंगी यानी 175 धाराएं बदल जाएंगी। भारतीय
न्याय संहिता में 8 नई
धाराएं जोड़ी गई हैं, 22 धाराएं
हटाई गई हैं। इसी तरह CrPC में 533 धाराएं
रह जाएंगी। 160 धाराएं
बदलेंगी, 9 नई जुड़ेंगी, 9 खत्म
होंगी। सुनवाई तक पूछताछ वीडियो कॉन्फ्रेंस
के जरिए करने का प्रावधान होगा, जो पहले
नहीं था। 3 साल के भीतर देना होगा
फैसला:- सबसे
बड़ा बदलाव ये है कि अब ट्रायल कोर्ट को हर फैसला अधिकतम 3 साल के
भीतर देना होगा। देश में 5 करोड़
केस पेंडिंग हैं। इनमें से 4.44 करोड़
मामले ट्रायल कोर्ट में हैं। इसी तरह
जिला अदालतों में जजों के 25,042 पदों में
से 5,850 पद खाली हैं। तीनों बिल पर बुधवार को लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह जवाब
देंगे। फिर वोटिंग होगी।
इसके बाद इन बिलों को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। वहां से पास होने के
बाद बिलों को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साइन होते ही ये 3 बिल कानून बन जाएंगे। भारतीय न्याय
(द्वितीय) संहिता, 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा (द्वितीय) संहिता, 2023 और भारतीय साक्ष्य
(द्वितीय) विधेयक, 2023 नाम के नए विधेयकों पर बुधवार को विचार किया गया। गृहमंत्री अमित शाह
तीनों बिलों पर बुधवार दोपहर 2:30 बजे लोकसभा में जवाब देंगे।
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