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निजी स्कूलों की मनमानी…विद्यालय की स्टेशनरी, यूनिफॉर्म खरीदी अनिवार्यता से अभिभावकों को मिलेगी मुक्ति....
Posted by : achhiduniya
13 March 2024
प्राइवेट स्कूल की मनमानी पर लगाम लगाने साथ ही स्कूल और दुकानदारों के बीच कमीशन खोरी खत्म करने और सबसे बड़ी बात कि पेरेंट्स को राहत देने,मध्य प्रदेश भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जिले में संचालित होने वाले सभी निजी स्कूलों के संचालकों
के लिए एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में साफ कहा गया है कि स्कूलों को राज्य
सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा यानी विद्यालय की स्टेशनरी, यूनिफॉर्म पर स्कूल का नाम प्रिंट कराकर दुकानों से क्रय
कराने या एक विशिष्ट दुकान से यूनिफॉर्म
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| [कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह] |
और पाठ्य पुस्तकें बेचना पूरी तरह से
प्रतिबंधित रहेगा। वहीं आदेश का
उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, विद्यालय
के प्राचार्य और प्रबंधक के विरुद्ध भारतीय दण्ड विधान की धारा 188 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश में उन्होंने कहा है
कि भोपाल जिले में संचालित माध्यमिक शिक्षा मण्डल, केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अथवा आईसीएसई बोर्ड से
सम्बद्ध सभी अशासकीय विद्यालयों के लिए मध्य प्रदेश राजपत्र असाधारण 2 दिसम्बर 2020 स्कूल
शिक्षा विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल में उल्लिखित निर्देशों का पालन किया जाना
अनिवार्य होगा।
भोपाल के कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट कौशलेन्द्र विक्रम सिंह
ने दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा-144 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करते हुए जन सामान्य
के हित में सभी अशासकीय विद्यालयों में पुस्तकें एवं यूनिफार्म व अन्य सामग्रियों
के विक्रय पर अंकुश लगाए जाने के संबंध में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए है। इसके
साथ ही संबंधित एसडीएम एवं जिला शिक्षा अधिकारी को इस आदेश का पालन सुनिश्चित
कराने के लिए कहा गया है। कलेक्टर ने अपने आदेश में कहा है कि प्रत्येक स्कूल
प्रबंधक, प्राचार्य
अपने स्कूल में प्रत्येक कक्षा में लगने वाली पाठ्य पुस्तकों और प्रकाशक की
जानकारी को वेबसाइट पर अपलोड करने के साथ ही E-Mail ID deobho-mp@nic.in पर
अनिवार्यत रूप से भेजें।
इसके साथ ही कलेक्टर ने भी साफ कर दिया है कि किसी भी
प्रकार की शिक्षण सामग्री पर विद्यालय का नाम अंकित नहीं होना चाहिए। कलेक्टर ने
अपने आदेश में ये भी कहा है कि विद्यालय के सूचना पटल पर यह भी अंकित किया जाए कि
किसी दुकान विशेष से सामग्री क्रय करने की बाध्यता नही है। कही से भी पुस्तकें /
यूनिफार्म और अन्य आवश्यक सामग्री क्रय की जा सकती है। पुस्तकों के अतिरिक्त स्कूल
प्रबंधकों की ओर से यूनिफॉर्म, टाई, जूते, कापियां
आदि भी स्कूल से उपलब्ध या बेचने की कोशिश नहीं की जाएगी। सभी प्राइवेट विद्यालयों
के लिए यह अनिवार्य है कि वे आगामी शिक्षण सत्र प्रारंभ होने के पूर्व लेखक एवं
प्रकाशक के नाम तथा मूल्य के साथ कक्षावार पुस्तकों की सूची विद्यालय के सूचना पटल
पर प्रदर्शित करें। इसके साथ ही कलेक्टर ने अपने आदेश में कहा है कि निजी स्कूलों
के विद्यार्थियों को ऐसी सूची मांगने पर उपलब्ध कराई जाना चाहिए,ताकि विद्यार्थी एवं उनके अभिभावकगण इन पुस्तकों को अपनी
सुविधानुसार खुले बाजार से खरीद सकें।



