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महिला डॉक्टर द्वारा बलात्कार की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी देने का रवैया भी आत्महत्या के उकसाने जैसा....हाईकोर्ट
Posted by : achhiduniya
18 May 2024
मध्य
प्रदेश हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि चंद्रशेखर उर्फ पवन आहूजा और उसकी मां
का नाली में कचरा फेंकने के कारण विवाद था। पड़ोसियों ने युवक व उसकी मां के विरुद्ध
बालाघाट के कोतवाली थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज करवाया था। युवक मकान गिरवी रखकर
PSC की तैयारी के लिए इंदौर चला
गया था। मानसिक तनाव के कारण उसका मन
पढ़ाई में नहीं लग रहा था। वह बालाघाट आया तो पड़ोस में रहने वाली आवेदक महिला
डॉक्टर ने बलात्कार और
छेड़छाड़ की झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाने की धमकी दी थी। युवक अपने पिता के साथ
अक्टूबर में जिला मंडला स्थित बम्हनी बंजर चला गया था। इस दौरान पड़ोसियों से उसकी
मां का विवाद
हुआ था। जिसके बाद वह बालाघाट वापस आया तो उसे फिर झूठे आरोप में
फंसाने की धमकी दी गई थी। बालाघाट की रहने वाली महिला डॉक्टर और उसकी मां ने मंडला
जिले के बम्हनी थाने में आत्महत्या दुष्प्रेरण की धारा के तहत दर्ज प्रकरण को
निरस्त किए जाने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। जिसमें कहा गया था कि मृतक
युवक की मां कालोनी में आतंक मचाती थी। मां और बेटे के खिलाफ कालोनी में रहने वाले
कई लोगों ने पुलिस में प्रकरण भी शिकायत दर्ज कराई थी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक
मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए महिला डॉक्टर और उनकी मां
को बड़ा झटका दिया है।
याचिका को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने साफ़ कर दिया है कि बलात्कार की
झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी देने का रवैया भी आत्महत्या दुष्प्रेरण
की श्रेणी में आता है। न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया की एकलपीठ ने महिला चिकित्सक
और उसकी मां के खिलाफ की गई FIR को भी निरस्त करने से इंकार
कर दिया है। पूरा मामला एक युवक को आत्महत्या करने के लिए उकसाने से जुड़ा हुआ है।
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