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- जानलेवा साबित होती MRI स्कैनर मशीन सवालों के घेरे में...?
Posted by : achhiduniya
21 May 2024
MRI या मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग एक ऐसी
तकनीक है, जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों की डिटेल
में तस्वीर निकालकर उस हिस्से में मौजूद बीमारी का पता लगाती है। कई बार हमारे
शरीर की बीमारी का साधारण तरीके से पता लगाना डॉक्टर के लिए मुश्किल हो जाता है।
इस तरह की समस्या खासतौर से शरीर के किसी जॉइंट, दिल, दिमाग या
सीधा-सीधा कहें तो सॉफ्ट टिशू वाले हिस्सों में आती है। शरीर के अलग-अलग हिस्सों
का स्कैन कर बीमारी का पता लगाने वाली यह मशीन आपके लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
इस मशीन के कारण कई लोगों की जान पहले ही जा चुकी है। इसके अलावा MRI मशीन को
लेकर एक और रोचक बात यह है कि यह हर
वक्त चालू रहती है, इसे कभी भी
बंद नहीं किया जाता है। MRI की तकनीक
पर 1930 से ही काम किया जाने लगा था,लेकिन वैज्ञानिकों को पूरी तरह
कामयाबी मिलने में 47 साल लग गए। 1977 में पहली
बार सफलतापूर्वक किसी मरीज का MRI स्कैन किया
गया था। आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि मेडिकल मशीनरी को बनाने और उस पर
रिसर्च करने वाली कंपनी जीई हेल्थकेयर के अनुसार, दुनिया भर
में करीब 50 हजार MRI सिस्टम लगे
हुए हैं। इनके जरिए हर साल अनुमानित 9.5 करोड़
स्कैन किए जाते हैं।
हालांकि, ये स्कैन
आमतौर पर सुरक्षित होते हैं, लेकिन कई
बार ये हमारे लिए जानलेवा भी साबित हो सकते हैं। बंद जगह से डरने वालों के लिए भी
ये मशीन खतरनाक हो सकती है। क्योंकि स्कैनिंग में कई बार लंबा वक्त लग जाता है।
ऐसे में उन्हें पैनिक अटैक आ सकता है। प्रेग्नेंसी में डॉक्टर इससे बचने की सलाह
देते हैं। MRI मशीन की एक और बुरी बात ये है कि
स्कैनिंग के दौरान इससे बहुत तेज आवाज आती है।
यह आवाज 100 से 120 डेसिबल तक
चली जाती है, जो कानों के लिए खतरनाक हो सकती है। MRI स्कैन के
बारे में हम आपको पहले ही बता ही चुके हैं कि इस मशीन से मैग्नेटिक फील्ड बनाकर
शरीर की इमेजिंग की जाती है। आपको जानकर हैरानी होगी ये मैग्नेटिक फील्ड पृथ्वी के
मैग्नेटिक फील्ड की तुलना में 30 हजार गुना
शक्तिशाली होते हैं।
वे कमरे में मौजूद किसी भी मेटलिक चीज को अपनी ओर खींचने की
क्षमता रखते हैं। एक MRI मशीन कमरे में मौजूद किसी व्हीलचेयर या
लोहे की आलमारी तक को अपनी ओर खींच सकती है। ऐसे में ये मरीज के लिए जानलेवा साबित
हो सकती है। इससे हमेशा आग लगने या किसी
और तरह की दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। अस्पताल में MRI स्कैन से
पहले किसी भी मरीज की सेहत और मेडिकल जानकारी मांगी जाती है, जिससे
मेडिकल टीम ये पता कर सके कि स्कैन करना सुरक्षित है या नहीं। इसके अलावा मरीज की
मंजूरी ली जाती है कि उनका स्कैन किया जाए या नहीं। क्योंकि स्कैनर की ताकतवर
मैग्नेटिक फील्ड में मरीज के साथ शरीर के ऊपर या भीतर कोई मेटल ऑब्जेक्ट नहीं होना
चाहिए। इससे जान जाने का खतरा बना रहता है।
यदि किसी व्यक्ति के शरीर में पेसमेकर, मेटल वाले
नकली दांत, सुनने की मशीन या इस तरह की और चीज हो
तो उनका MRI नहीं किया जा सकता। इसके अलावा, घड़ी, ज्वेलरी या
कोई मेटल ऑब्जेक्ट कमरे के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं होती है।
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