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- MRI मशीन कैसे करती है काम,क्यों रहती है हर वक्त चालू....?
Posted by : achhiduniya
29 May 2024
MRI या मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग एक
ऐसी तकनीक है,जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों की डिटेल
में तस्वीर निकालकर उस हिस्से में मौजूद बीमारी का पता लगाती है। इसके जरिए आसानी से शरीर में हो रही समस्या का पता लगाया
जा सकता है। शरीर को
स्कैन करने वाली MRI मशीन एक
सिलेंडर की तरह होती है,जो दो तरफ
से खुली हुई रहती है। इस मशीन
में बहुत शक्तिशाली मैग्नेट लगे होते हैं, जो मरीज के स्कैनिंग के दौरान मैग्नेटिक फील्ड बनाते हैं। मरीज एक बेड पर लेटकर जब इसके
भीतर जाता है, तो उसके
शरीर में पानी के रूप में मौजूद हाइड्रोजन इस मैग्नेटिक फील्ड की वजह से घूमने
लगता है। इससे एक
तस्वीर निकलकर सामने आती है, जिसके
जरिए
रेडियोलॉजिस्ट या इस काम में माहिर डॉक्टर बताते हैं कि मरीज को किस तरह की समस्या
है। ये जरूरी
नहीं कि हर बार पूरे शरीर का स्कैन किया जाए। बीमारी के हिसाब से सिर, छाती या घुटने जैसी किसी खास हिस्से में शरीर की स्कैनिंग की
जाती है और इस प्रक्रिया में 30 से 60 मिनट तक का वक्त लग सकता है। MRI मशीन को
कभी भी बंद नहीं किया जाता है। इसके पीछे का मुख्य कारण इसमें लगा मैग्नेट है। सुपरकंडक्टिंग कॉयल से बने ये
मैग्नेट बहुत पावरफुल होते हैं और स्कैनिंग के वक्त ठीक से काम करने के लिए इन्हें
हीलियम लिक्विड का इस्तेमाल कर ठंडा रखना होता है। इससे मैग्नेट की ताकत बनी रहती है, जिसके कारण मरीज के शरीर की साफ और सही तस्वीर निकलकर सामने
आती है।
अगर मशीन
को बंद कर दिया जाए तो इसकी सुपरकंडक्टिविटी खत्म हो जाएगी और यह गरम होना शुरू हो
जाएगी। इसके अलावा
हीलियम भी गरम होकर खौलने लगेगा और मशीन को खराब कर सकता है। इस स्थिति से बचने के लिए ही MRI मशीन को हर वक्त चालू रखा जाता है। इसके अलावा लगातार चालू रहने की
तुलना में बार-बार ऑन और ऑफ करने से मैगनेटिक फील्ड बनने में
वक्त लगेगा, इससे बिजली
का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होगा। इसलिए MRI मशीन को
हमेशा चालू रखा जाता है। एक्स रे या
सीटी स्कैन के जरिए भी बीमारी का ठीक से पता नहीं चल पाता। सीटी स्कैन की तुलना में MRI स्कैन शरीर के इन हिस्सों की बेहतर और डिटेल तस्वीर निकालने की
क्षमता रखता है।
इसके अलावा
इसमें किसी तरह के रेडिएशन का इस्तेमाल नहीं किया जाता, जो शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए डॉक्टर MRI स्कैन कराने की सलाह देते हैं।



