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मनुस्मृति के पन्नों को जलाया NCP नेता जितेंद्र आव्हाड ने, श्लोकों और गीता के पाठ को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने का विरोध
Posted by : achhiduniya
29 May 2024
राष्ट्रीय शिक्षा
नीति के अनुसार, SCIRT ने हाल ही में 3 से 12वीं कक्षा के लिए पाठ्यक्रम की घोषणा की है। इसमें
मनुस्मृति के श्लोक और भगवद गीता के अध्याय को शामिल करने की सलाह दी गई है। इसके
बाद राज्य में चर्चा शुरू हो गई है कि स्कूली पाठ्यक्रम में मनुस्मृति श्लोक पढ़ाए
जाएंगे। इसके चलते विभिन्न राजनीतिक दल और
संगठन आक्रामक हो गए। शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP)
नेता जितेंद्र आव्हाड स्कूली पाठ्यक्रम
में मनुस्मृति के कुछ श्लोकों को शामिल करने की कोशिश के विरोध में सड़क पर उतर आए। जितेंद्र आव्हाड ने
राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ आक्रामक रूप अपनाते हुए मनुस्मृति के पन्नों को जला
दिया। महाराष्ट्र
में पिछले कुछ दिनों से मनुस्मृति और गीता के श्लोकों को स्कूली पाठ्यकृम में
शामिल किए जाने का मुद्दा सुर्खियों
में है। राज्य सरकार के इसी फैसले के विरोध में NCP नेता जितेंद्र आव्हाड ने मनुस्मृति के पन्नों को
जला दिया। बुधवार दोपहर को उन्होंने रायपुर जिले के महाड में मनुस्मृति को जलाया
है। इसके
विरोध में बीजेपी के कई नेताओं ने उन पर निशाना साधा है। कांग्रेस,
एनसीपी शरद पवार गुट,
संभाजी ब्रिगेड ने मनुस्मृति श्लोक पढ़ाए
जाने का विरोध किया है। इसको लेकर NCP नेता
जीतेंद्र आव्हाड ने विरोध जताया है। अजित पवार गुट के मंत्री और समता परिषद के
अध्यक्ष छगन भुजबल ने भी इस फैसले का विरोध किया है। उन्होंने साफ कहा कि ये हमारी
विचारधारा को स्वीकार्य नहीं है।
शरद पवार गुट के नेता जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि
इससे पहले साल 1927 में
डॉक्टर बाबा साहब अंबेडकर ने मनुस्मृति का विरोध किया था। इसी विचारधारा के प्रति
विरोध जताते हुए उन्होंने भी मनुस्मृति को जलाया है, उन्होंने कहा कि यदि मनुस्मृति
के दो श्लोकों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा तो आगे चलकर पूरी
मनुस्मृति को भी पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल
किया कि क्या अब स्कूली पाठ्यक्रम में मनुस्मृति को शामिल करने के मुद्दे पर अजित
पवार इस्तीफा देंगे?


