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- बांग्लादेश एक इस्लामिक मुल्क फिर भी भारत भाग आई शेख हसीना आखिर क्यू....?
Posted by : achhiduniya
08 August 2024
बांग्लादेश
की प्रधानमंत्री रहीं शेख हसीना ने बांग्लादेश की सत्ता संभाली वो कभी देश के धर्म
के स्वरूप को नहीं बदल सकीं। बांग्लादेश एक इस्लामिक मुल्क है। 80
फीसदी से ज्यादा
आबादी इस्लाम को ही मानने वाली है। हालांकि अपने गठन के वक्त बांग्लादेश एक
सेक्युलर देश था और 1986 तक ये सेक्युलर ही बना रहा। बांग्लादेश के
फौजी तानाशाह जनरल हुसैन मोहम्मद इरशाद ने संविधान बदलकर बांग्लादेश को इस्लामिक
देश घोषित कर दिया। साप्ताहिक छु्ट्टी रविवार को होती थी,
तो उसे बदलकर जुमे
के दिन यानी कि शुक्रवार को कर दिया। इसके अलावा जनरल हुसैन मोहम्मद इरशाद की
तानाशाही के दौरान कई ऐसे बड़े बदलाव हुए,
जिसकी वजह से
बांग्लादेश एक कट्टर इस्लामिक देश बन गया। ऐसे में कट्टर इस्लामिक देश की
प्रधानमंत्री शेख हसीना का जब तख्तापलट हुआ तो
उन्होंने दुनिया के और 200
देशों को नहीं देखा।
न तो दूसरे 57 इस्लामिक मुल्कों की ओर देखा। वो भागकर
भारत आ गईं,लेकिन सवाल है कि आखिर भारत ही क्यों?
नेपाल जा सकती थीं।
भूटान जा सकती थीं और नहीं तो पाकिस्तान जा सकती थीं। ब्रिटेन,
अमेरिका,
फ्रांस,
रूस या दुनिया के और
भी दूसरे देशों में जा सकती थीं,लेकिन वो भागीं तो भागकर भारत ही आईं। इसकी दो
सबसे बड़ी वजहें हैं।
पहली वजह तो भारत का सेक्युलर ताना-बाना है,
जिसकी हिमायती शेख
हसीना भी रही हैं और उनके तख्तापलट की सबसे बड़ी वजहों में से एक वजह ये भी है,क्योंकि
शेख हसीना के इसी सेक्युलरिज्म के खिलाफ जमात-ए-इस्लामी ने माहौल बनाया और फिर
बांग्लादेश की सेना ने उसे अच्छे से भुनाया। नतीजा ये हुआ कि शेख हसीना की जान पर
बन आई और अब बांग्लादेश के हिंदुओं के साथ जो ज्यादती हो रही है,
वो किसी से छिपी
नहीं है। तख्तापलट हुआ तो जान बचाकर भागना पड़ा। देश से भागने के लिए
उन्हें महज 45 मिनट का समय मिला। शेख हसीना भारत में हैं,न कपड़े लेकर आई
हैं और न जरूरत का सामान,तो ये सब खरीदारी भी वो भारत में ही कर रही हैं,
लेकिन
सवाल है कि कब तक? क्या शेख हसीना स्थाई तौर पर भारत में ही
रह जाएंगी या फिर जब तक बांग्लादेश में शेख हसीना के मनमाफिक परिस्थितियां नहीं
बनती हैं, तब तक उन्हें भारत में ही रहना होगा। इसका
सही-सही कोई जवाब अब तक नहीं मिल पाया है
,
क्योंकि दुनिया का
कोई भी देश फिलवक्त शेख हसीना को शरण देने को राजी नहीं है। ब्रिटेन ने चुप्पी साध
रखी है, अमेरिका ने अपना दरवाजा ही बंद कर दिया है,
फिनलैंड कह रहा है
कि उसे कोई जानकारी ही नहीं है। रही बात रूस की,
तो अभी रूस खुद ही
कई मोर्चों पर घिरा हुआ है। ऐसे में वो शेख हसीना को शरण देने पर क्या रुख अपनाता
है,ये साफ नहीं है। बाकी यूएई और सऊदी अरब जाने पर भी शेख हसीना विचार कर
सकती हैं, लेकिन अभी उन दोनों देशों की तरफ से कोई
पहल हुई नहीं है।
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