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- हत्या को बता रहे आत्महत्या न्याय के लिए भटक रहा परिवार नहीं दर्ज हो रही FIR
Posted by : achhiduniya
08 February 2025
नागपुर:- मृत्तुक रेशमा कौशर मोहम्मद मुजाहिद अंसारी ने सुसाईड की है या उस की हत्या
ही गई,इस का खुलासा अभी तक नाही हो पाया है। वरिष्ठ पोलीस
निरीक्षक संदीप बुवा तहसील पोलीस स्टेशन मोमिनपुरा नागपुर के कथन अनुसार रेशमा कौशर ने खुद को फांसी लगाई है,परंतु रेशमा कौशर की अम्मी
हसीना बेगम मोहम्मद जमील के कथन अनुसार उन की बेटी ने आत्महत्या नही की,रेशमा की
अम्मी ने कुछ संदिग्ध कारण बताएं है,जिस से यहा प्रतीत होता है की रेशमा के पती और
ससुराल वालो ने मिल कर कुछ तो गलत किया है। इस केस मे उच्ये स्थर पर जाचं करवाने
हेतू निरक्षक श्री संदीप बुवा से मदद की गुहार लगाते रहे की रेश्मा के ससुराल वालो
से और पती से कडी पूछताछ करे तो सच सामने आसक्ता है परंतू उच्ये स्थर पर पूछताछ नहीं
हु। न्याय हेतू DSP क्र.3 नागपुर शहर के कार्यालय गए
और अपना संध्ये बताया परंतु उन्हो ने भी निरीक्षक संदीप बुवा से फोन द्वारा बात की
और हमे बताया की आप की बेटी ने आत्महत्या की है। हमारी बेटी को न्याए दिलाने हेतू श्रीमान पुलिस आयुक्त नागपूर शहर
नागपूर के कार्याल्ये तीन दिनो तक लगातार गए परंतु हमे मिलने नही दिया गया तिसरे
दिन उन के सहायक ने हम से बात की और कहा कि आप तहसील जा के निरक्षक संदीप बुवा से
हि मिलीये और हमारी कोई साहेता नही की और हमारी सुनवाई नही हुवी मजबूरन हमे हमारा
निवेदन जावक कार्याल्य मे देना पडा
परंतु हमारे पत्र का अभी तक कोई निष्कर्स नही
मिला है,पुलिस प्रशासन का कहेना है ADR No- 7/25 के अनुसार जाच जारी है! और पुलिस विभाग कि ओर से इस
केस के प्रति कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई दी इस केस की मुख्य कडी मृतुका कि पांच वर्ष
की बेटी ने घटना कि कुछ और ही हकीकत बयान की है उसे सून कर रेशमा के अम्मी ऑर मामू को यह यकीन हो गया की उन
कि बेटी को जान से मारा गया है और केस को सुसाईड का रूप देकर बंद किया जारह है।
बच्ची की उम्र के अनुसार उस के कथन को संघेयान मे नही लिय जा रहा है। बच्ची ने
बताया के अम्मी को अब्बू ने पन्नी और खाना बनाने वाली पल्ली से मारे है,उस के बाद
अम्मी नही उठी। रेश्मा कौशर ने उसी रात तक्रीबन एक पंधरा (1:15) बजे अपने भाई से भी बात की थी अपने पती मुजाहिद के फोन से तब भी रेश्मा ने खूल
कर कूछ नाही बताया दबी दबी सी आवाज मे पोलीस से बात करने हेतू नंबर मांग रही थी
भाई के पास नंबर ना होने से रेश्मा ने भाई से कहां की फ्री हो के फोन कर बस आखरी
बार इंत्नी बात अपने बडे भाई से की थी। जांच का विष्य यहा भी है की मृतुका की मौत
कब हुवी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार रेशमा को मेयो हॉस्पिटल लाने से पहेले
हि मृत बताया है, और यह भी बताया की मृत्तुका की बॉडी ठंडी थी? मृतुका ने रात मे पौने तीन बजे (2:45) अपनी देवरांनी के
मोबाईल से मुजाहिद को कॉल किया था, इस का अर्थ यहा है की मृतुका तीन बजे तक जीवीत थी और मृतुका के पती ने अपनी
सास को चार बज के सोला मिंट पर (4:16) मे कॅल कर के बताया की आपकी बेटी सिरीयस है। जल्दी
मेयो हॉस्पिटल आजाव मृतुका के अम्मी ऑर मामू तुरंत मेवं हॉस्पिटल पहोंचे तब समय 4:40 होरहा था इस का अर्थ यहा है की रेशमा को मृत होने मे केवल एक घंटा हुवा था, तो बॉडी ठंडी कैसे हुवी (जैसे बर्फ मे राखी हो इस प्रकार) इन्ही कुंछ संदिग्ध
कारणों से प्रतीत होता है। की रेशमा के साथ कूछ तो गलत हुवा है। इस घटना की उच्च
स्तरीय जांच होनी चहिए इस के पक्ष्चात हि मामला खूल के सामने आएगा की रेश्मा की हत्या
है आत्महत्या। हम हमारी मासूम बेटी और उस के दूध मुँहा बच्चे और 5 वर्ष की बेटी को न्याए दिलाने हेतू गुहार लगारहे है।