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- गांव की आम जमीन को वक्फ बोर्ड को ट्रांसफर की गई,होगी जाँच...नायब सिंह सैनी
Posted by : achhiduniya
13 March 2025
HR-CM नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमने वक्फ बोर्ड की जमीनों की जांच करने के
लिए एक कमेटी का कठिन कर दिया है। रोहतक डिवीजन के कमिश्नर,
करनाल डिविजन के कमिश्नर और रोहतक के डीसी
इस कमेटी के सदस्य हैं। मुख्यमंत्री
ने कहा कि कांग्रेस की तरफ से यह बात उठाई गई थी कि रोहतक में तालाब था। हमारे पास
जो तथ्य आए हैं, उसके
मुताबिक यह वक्फ बोर्ड की लैंड है और फर्द में कहीं यह नहीं लिखा कि यहां पर तालाब
है,लेकिन जब बार-बार इस मामले को उठाया गया तो हमने
गंभीरता से इसकी जांच की। 1967 से पहले यह जमीन शामलात देह थी वहां पर कोई वक्फ
बोर्ड की जमीन नहीं थी। 1991 में उस जमीन को वक्फ बोर्ड के नाम से
ट्रांसफर कर
दिया गया। बता दें कि शामलात देह जमीन गांव की आम जमीन होती है,
जिसे कई ज़मीनधारियों द्वारा मिलकर बनाया
जाता है। सीएम ने कहा कि उस समय की सरकार ने जमीन ट्रांसफर किया। इनका तो उस
वक्त एक छात्र राज चल रहा था। यह बहुत गंभीर मामला है। इस जमीन को वक्फ बोर्ड को
दे दिया गया है। ऐसी और भी जमीन होगी जो वक्फ बोर्ड को दी गई होगी। पूरे प्रदेश
में कमेटी ऐसी जमीनों की जांच करेगी। बहुत जल्द इसकी जांच पूरी कराई जाएगी। अन्य
कोई भी जमीन जो वक्फ बोर्ड के नाम की गई है वह क्यों की गई,
किसने की है उसकी भी जांच होगी। यह बहुत
संगीन और गंभीर मामला है।
उन्होंने कहा कि इसकी जांच कर कर उस जमीन को वापस शामलात
में ले जाने का काम करेंगे। विधायक भारत भूषण बत्रा ने बताया कि पीर बोधी की
मजार होने के कारण कांग्रेस के समय 1991 में यह जमीन वक्फ बोर्ड को दी गई थी। वक्फ बोर्ड
ने यह जमीन लीज पर दी थी, जिसके बाद भू-माफिया ने इस जमीन पर कब्जा करना
शुरू कर दिया। यह जमीन करीब 32.5 एकड़ थी, जिसमें से 12 एकड़ पर तालाब और बाकी पर कृषि होती थी,लेकिन
भू-माफिया व वक्फ बोर्ड की मिलीभगत के कारण अब यहां मात्र तीन से चार एकड़ जमीन ही
रह गई है और अब भी तालाब में मिट्टी डालकर भरने का प्रयास किया जा रहा है। सदन में
कांग्रेस ने इसका मुद्दा उठाते कहा कि यह तालाब काफ़ी पुराना है। तालाब करीब 120
साल पहले बनाया गया था,
जिसे आसपास के ग्रामीणों ने अंग्रेजों के
समय जब अकाल पड़ा, तब अनाज के बदले श्रमदान करके बनाया था। आज यह तालाब अपना अस्तित्व
खोता जा रहा है। भू-माफिया तालाब में मिट्टी डालकर इसे भर रहे हैं,
ताकि प्लाट काटे जा सके,
जोकि गलत है।