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- EOW ने कसा 122 करोड़ के न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले जाँच का शिकंजा
Posted by : achhiduniya
13 March 2025
EOW [ Economic Offence Wing] फरार
पति-पत्नी [वांटेड पूर्व अध्यक्ष हिरेन भानु और उनकी पत्नी] की संपत्तियों को जब्त
करने के लिए BNSS की नई जोड़ी गई धाराओं का उपयोग करने की संभावना
तलाश रही है, क्योंकि
MPID अधिनियम- जो पुलिस को अदालत की अनुमति के बिना
संपत्ति जब्त करने का अधिकार देता है, इस मामले में लागू नहीं किया जा सकता है। अधिकारी
ने आगे बताया कि हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि इन संपत्तियों को कैसे जब्त किया
जा सकता है। क्योंकि इस मामले में MPID
अधिनियम लागू नहीं है, हम यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या MPID को FIR में
जोड़ा जा सकता है। दरअसल,122 करोड़ के न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक
घोटाले मामले को जांच कर रही
मुंबई पुलिस की EOW को पता चला है कि मामले में वांटेड पूर्व अध्यक्ष हिरेन भानु और उनकी
पत्नी, बैंक की
कार्यवाहक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष गौरी भानु ने 2019 और 2024 के बीच कई संपत्तियां खरीदी हैं। एक अधिकारी ने
बताया कि इसी अवधि में बैंक से 122 करोड़ रुपये चोरी हुए थे और इसी वजह से उन्हें शक
है कि ये संपत्तियां अपराध की आय (प्रोसिड्स ऑफ क्राइम) हो सकती हैं। वर्तमान में EOW
इसकी जांच कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, जांच से पता चला है कि 122 करोड़ रुपये के इस घोटाले के सामने आने से कुछ
दिन पहले ही देश छोड़कर भागे दंपति ने मुंबई और उसके बाहरी इलाकों में कई
संपत्तियां खरीदीं। EOW जब इन संपत्तियों की जांच कर रही थी,तब उन्होंने पाया कि साल 2019
और साल 2024 के बीच हिरेन भानु द्वारा लगभग ₹10-12
करोड़ की संपत्ति अर्जित की गई। सूत्रों
ने आगे बताया कि EOW इस मामले में BNSS की
धारा 107 (संपत्ति
की कुर्की, जब्ती
या बहाली) को जोड़ने पर विचार कर रही है। इस धारा के तहत पुलिस को संपत्ति जब्त
करने का अधिकार है जब MPID
अधिनियम जैसे विशेष अधिनियमों को FIR पर
लागू नहीं किया जा सकता है।