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- 10 वी फेल,दिल्ली 4928 फार्मासिस्टों का अवैध पंजीकरण,फर्जी फार्मेसी रजिस्ट्रेशन रैकेट का भंडाफोड़
Posted by : achhiduniya
02 April 2025
दिल्ली एंटी
करप्शन ब्रांच
ने फर्जी
फार्मेसी रजिस्ट्रेशन
रैकेट का
भंडाफोड़ किया
है। हजारों
फार्मासिस्टों का
अवैध पंजीकरण
का मामला
सामने आया
है। बड़ी
बात ये
भी है
कि इस
घोटाले के
आरोप में
कुल 47
लोगों को
गिरफ्तार किया
गया है।
घोटाले के तहत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हजारों फार्मासिस्टों
का अवैध पंजीकरण किया गया। बिना उचित टेंडर प्रक्रिया के VMC नामक निजी फर्म को ऑनलाइन पंजीकरण काम सौंपा गया। घोटाले में
कई दलाल, कॉलेज
कर्मचारी और प्रिंटिंग शॉप मालिक शामिल हैं। फर्जी डिप्लोमा और प्रमाण पत्र तैयार
कर अवैध रूप से पंजीकरण कराए गए। मामले में पूर्व रजिस्ट्रार और क्लर्क सहित कुल 47 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार
किए गए मुख्य आरोपी:- कुलदीप
सिंह (पूर्व रजिस्ट्रार, दिल्ली
फार्मेसी काउंसिल), मुकेश कुमार शर्मा (क्लर्क, दिल्ली
फार्मेसी काउंसिल),संजय
कुमार (मुख्य दलाल),धर्मेंद्र, अजय सैनी, जय किशोर
पोद्दार, नीरज, अजय कुमार (सब-टाउट),नीरज
(प्रिंटिंग शॉप मालिक),गुरुशरण, हरिओम, ज़फर हयात (फार्मेसी कॉलेज कर्मचारी),35 अवैध फार्मासिस्ट/केमिस्ट गिरफ्तार (सूची संलग्न)। कुल 4928 फर्जी पंजीकरण हुए, प्रारंभिक
जांच में 35 फर्जी
फार्मासिस्ट गिरफ्तार। 21 जुलाई 2020 से VMC फर्म के
माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हुआ, जिसे
बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के नियुक्त किया गया। फर्जी प्रमाण पत्र ऑनलाइन अपलोड कर पंजीकरण कराया गया और कुछ कॉलेज कर्मचारियों ने ईमेल द्वारा फर्जी सत्यापन
किया। कुलदीप
सिंह (पूर्व रजिस्ट्रार) ने दलाल संजय के जरिए रिश्वत लेकर पंजीकरण स्वीकृत किए। कुछ आवेदकों ने अलग-अलग दस्तावेजों के साथ कई आवेदन किए, फिर भी बिना आपत्ति के पंजीकरण स्वीकृत हुए।
फर्जी ईमेल आईडी से प्रमाणपत्रों की पुष्टि कराई गई। रजिस्ट्रार
पद से हटने के बाद भी कुलदीप
सिंह ने अपने व्यक्तिगत ईमेल से 232 और फर्जी
पंजीकरण स्वीकृत किए। दिल्ली
के शाहबाद निवासी नीरज फर्जी प्रमाण पत्रों की प्रिंटिंग करता था, जांच में उसके कंप्यूटर से कई फर्जी दस्तावेज मिले। ACB ने बड़ी संख्या में फर्जी प्रमाण पत्र, डिप्लोमा, कंप्यूटर
और प्रिंटर जब्त किए। दिल्ली
में कई फार्मासिस्ट और केमिस्ट बिना उचित योग्यता के फर्जी लाइसेंस पर काम कर रहे हैं, जिनमें से कुछ ने तो 10वीं भी पास नहीं की। सूत्रों
की ओर से अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले
के गिरफ्तार आरोपी पूर्व रजिस्ट्रार कुलदीप सिंह की नियुक्ति दिल्ली के पूर्व
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने करवाई थी। इस मामले में जांच जारी है ताकि अन्य
दोषियों की भूमिका तय की जा सके। फर्जी पंजीकरण रद्द करने और जिम्मेदार अधिकारियों
पर कार्रवाई के प्रयास जारी है।