- Back to Home »
- Crime / Sex , Judiciaries »
- राइट टू प्राइवेसी का हनन यानि Without Permission क्या है सजा का प्रावधान...?
Posted by : achhiduniya
10 July 2025
आज कल सोशल
मीडिया पर लोग धड़ल्ले से किसी भी महिला का बिना
अनुमति के वीडियो और
तस्वीर का इस्तेमाल करते है,अगर कोई शख्स
बिना अनुमति के महिलाओं का वीडियो बनाता है और उसे सोशल मीडिया पर शेयर करता है तो
उसे क्या सजा हो सकती है। भारत के संविधान में लोगों को कुछ मौलिक अधिकार दिए गए
हैं। इनमें से एक अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत निजता का भी है। इसे राइट टू प्राइवेसी के नाम से
जाना जाता है। इस कारण अगर आप बिना अनुमति के किसी की तस्वीर या वीडियो लेते हैं
और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करते हैं तो इसे उस शख्स की निजता का हनन माना जाएगा।
ऐसे में आगे वाला शख्स अगर पुलिस में
शिकायत करे तो आपको जेल की सजा भी हो सकती
है। भारत में IT ACT या सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत ऐसे मामलों में कार्रवाई हो
सकती है। इस अधिनियम की धारा 66E बिना अनुमति के किसी व्यक्ति की तस्वीरें लेने और इसे सोशल
मीडिया पर पोस्ट करने से रोकती है और इसे निजता का उल्लंघन मानती है। ऐसा करने पर
सजा का प्रावधान किया गया है। ऐसा कोई काम करने पर दोषी को 3 साल तक की जेल या 2 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों ही
सजा दी जा सकती है। धारा 66E:- बिना अनुमति किसी के निजी अंगों की तस्वीर लेना, उसे प्रकाशित करना अपराध की श्रेणी में
आता है। दोषी को 3 साल जेल या 2 लाख रुपये का जुर्माना या फिर दोनों सजा हो सकती है। धारा 67:- इंटरनेट या किसी
भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री प्रसारित करना अपराध है। दोषी को पहली
बार 3 साल तक की कैद और 5 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा दी जा
सकती है। वहीं, दूसरी बार दोषी पाए जाने पर 5 साल तक की कैद और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा दी जा
सकती है।