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- “मनरेगा” हो गया “जी राम जी” बिल अब कानून बन गया….
Posted by : achhiduniya
21 December 2025
केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान के मुताबिक, जी राम जी योजना में
मजदूर की मजदूरी देरी से मिलने पर मुआवजा दिया जाएगा। नई स्कीम पर लोकसभा में सभी
सवालों का जवाब दिया गया। लोकसभा में देर रात डेढ़ बजे तक सवालों के जवाब दिए। अब
ग्राम सभा या पंचायत तय कर पाएंगे कि कौन-कौन से काम होने हैं। अब काम गांवों में
जरूरत के हिसाब से होगा। जी राम जी योजना के लिए जरूरत के हिसाब से स्टाफ रखा
जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जी राम जी बिल को मंजूरी दे दी है। उनकी
सहमति मिलने के बाद जी राम जी बिल अब कानून बन गया है। बता दें कि मनरेगा का नाम
बदलकर जी राम जी कर दिया गया है। इसके साथ ही इस बिल में कई सुधार भी किए
गए हैं।
जैसे- अब जी राम जी योजना के तहत कामगारों को 125 दिन के काम की गारंटी
मिलेगी। जबकि मनरेगा में सिर्फ 100 दिन काम का वादा था। एक
निजी चैनल से बातचीत में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया था,
मनरेगा
में कई कमियां थीं, उन्हें लोग जानते हैं। G-RAM-G
योजना
बहुत चर्चा के बाद बनाई है। कांग्रेस नेतृत्व वाली UPA सरकार के समय जवाहर
रोजगार योजना का नाम बदला गया था। इससे क्या जवाहर लाल नेहरू जी का सम्मान कम हुआ?
विपक्ष,
जी
राम जी योजना पर व्यर्थ ही विवाद कर रहा है।
गांधी जी के नाम का कांग्रेस ने गलत
उपयोग किया। चुनाव के कारण कांग्रेस ने मनरेगा में गांधी जी के नाम को जोड़ा था। 2009
के
लोकसभा चुनाव के वक्त गांधी जी का नाम मनरेगा में जोड़ा था। कांग्रेस पर तंज कसते
हुए शिवराज सिंह चौहान ने बताया, घोटालों और भ्रष्टाचार
का कांग्रेस ने रिकॉर्ड बनाया। गांधी जी का नाम लेने का हक भी कांग्रेस को नहीं
है। मनरेगा में ट्रांसपेरेंसी नहीं थी। मनरेगा के तहत काम मशीनों से किया जाता था
और नाम मजदूरों का होता था। ठेकेदारों के पास मनरेगा का पैसा चला जाता था। मनरेगा
के धन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हुआ। मनरेगा में मजदूरों का शोषण किया जा रहा
था जबकि जी राम जी स्कीम में 125 दिन के रोजगार की गारंटी
है। हमने मनरेगा की कमियों को दूर करने का प्रयास किया है। जी राम जी स्कीम में
बेरोजगारी भत्ता देने की कानूनी गारंटी है।
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