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- 100 करोड़ की ठगी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट बनकर
Posted by : achhiduniya
13 January 2026
आरोपियों ने एक फर्जी वेबसाइट तैयार कर रखी थी जिसे पूरी तरह प्रोफेशनल
तरीके से डिजाइन किया गया था। इस वेबसाइट पर निवेश करने ऑनलाइन कमाई और डिजिटल
बिजनेस से जुड़े बड़े-बड़े दावे किए जाते थे। इंस्टाग्राम,
यूट्यूब
और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर लग्जरी लाइफस्टाइल, महंगी
कारें, होटल और सेमिनार की तस्वीरें
डालकर लोगों का भरोसा जीतते थे।
लोगों
को विश्वास में लेने के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा,
गाजियाबाद
और दिल्ली में सेमिनार और मोटिवेशनल मीटिंग्स आयोजित की जाती थीं। इन सेमिनारों
में महंगे कपड़े ब्रांडेड टी-शर्ट और बड़े मंच के जरिए यह दिखाया जाता था कि यह एक
बड़ी और भरोसेमंद कंपनी है। सेमिनार में आने वाले लोगों को पहले छोटी रकम निवेश
करने के लिए कहा जाता था। शुरुआत में कुछ लोगों को मुनाफा दिखाकर उनका भरोसा और
मजबूत किया जाता था। इसके बाद उन्हें बड़े पैकेज और ज्यादा निवेश के लिए उकसाया
जाता था। जैसे ही लोग लाखों रुपये निवेश करते, वेबसाइट पर उनका अकाउंट
ब्लॉक कर दिया जाता या फिर संपर्क पूरी तरह खत्म कर दिया जाता था। पुलिस के अनुसार
आरोपियों ने
कई फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों के जरिए
निवेश की रकम इकट्ठा की जाती थी। रकम को इधर-उधर ट्रांसफर कर कैश या अन्य तरीकों
से निकाल लिया जाता था ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। इसी नेटवर्क के जरिए
करीब 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी को अंजाम दिया
गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि विनोद इस पूरे ठगी नेटवर्क का मुख्य चेहरा था।
वह खुद को एक सफल सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, डिजिटल बिजनेस कोच और
मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में पेश करता था।
दूसरा आरोपी विनय की भूमिका पर्दे के
पीछे रहकर पूरे सिस्टम को चलाने की थी। वह टेक्निकल और फाइनेंशियल मैनेजमेंट संभाल
रहा था। विनय लखनऊ का रहने वाला है। उसे ग्रेटर नोएडा के जेपी ग्रीन्स से अरेस्ट
किया गया है। वहीं, विनोद बागपत का रहने
वाला है। उसे ग्रेनो वेस्ट से अरेस्ट किया गया है। इस ठगी में नोएडा और ग्रेटर
नोएडा के बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं। कई पीड़ित ऐसे भी हैं जिन्होंने अपनी जमा
पूंजी लोन और यहां तक कि रिश्तेदारों से उधार लेकर पैसा लगाया था। जब लंबे समय तक
न मुनाफा मिला और न ही रकम वापस हुई, तब पीड़ितों को ठगी का
अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस और साइबर सेल ने लोगों से अपील
की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली किसी भी तेज कमाई की स्कीम पर आंख मूंदकर
भरोसा न करें। किसी भी निवेश से पहले कंपनी की वैधता,रजिस्ट्रेशन और
आधिकारिक दस्तावेजों की पूरी जांच जरूर करें,अगर किसी को ठगी का शक हो तो तुरंत
पुलिस या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। दिल्ली-एनसीआर में सोशल मीडिया के जरिए अमीर
बनाने का सपना दिखाकर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी का खुलासा हुआ है।
पुलिस ने ठग विनोद और विनय को गिरफ्तार किया है, जो खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और डिजिटल
मार्केटिंग एक्सपर्ट बताते थे।
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