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- 6,000/- प्रतिमाह के प्रलोभन पर गरीब,असहाय और दलित समुदाय के ईसाई धर्म धर्मांतरण नेटवर्क का पर्दाफाश
Posted by : achhiduniya
11 January 2026
कानपुर
देहात जिले के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में धर्म परिवर्तन से जुड़ा एक ऐसा मामला
सामने आया है, जिसने प्रशासन से लेकर आम जनता तक को चौंका दिया है। नवाकांती
सोसाइटी के नाम से संचालित एक संस्था पर आरोप लगा कि वह वर्षों से गरीब,
असहाय और दलित
समुदाय के लोगों को योजनाबद्ध तरीके से ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रही
थी। इस पूरे मामले की शिकायत राम भरोसे नामक व्यक्ति ने पुलिस से की,
जो स्वयं करीब 10
वर्षों तक
संस्था से जुड़ा रहा और पहले ही धर्म परिवर्तन करा चुका था। राम
भरोसे के अनुसार, शुरुआत में संस्था की ओर से सिलाई मशीन,
ब्यूटी पार्लर,
हेयर कटिंग और
अन्य कौशल प्रशिक्षण देने के नाम पर लोगों को जोड़ा जाता था। बैठकों के दौरान
हैंडपंप, घरेलू उपकरण, रोजगार के साधन और अन्य सुविधाएं
दिलाने का लालच दिया जाता था। जो लोग औरों को जोड़कर लाते थे,
उन्हें ₹6,000
प्रतिमाह देने
का प्रलोभन भी दिया जाता था।धीरे-धीरे इन बैठकों का स्वरूप बदलने लगता था। पीड़ित
परिवार का आरोप है कि मीटिंग में पहले सामान्य बातचीत होती,
फिर बाइबल
पढ़वाई जाती, ईसाई प्रार्थनाएं कराई जातीं और धर्म परिवर्तन के लिए कसम-वादे कराए
जाते थे।
कुछ बैठकों में सफेद पैंट-शर्ट पहने विदेशी नागरिकों की मौजूदगी दिखाई
देती है, जिससे पूरे नेटवर्क पर शक और गहरा गया। पीड़ित परिवार की माने तो जब उन्होंने इन गतिविधियों पर सवाल उठाए और
धर्म परिवर्तन से इनकार किया तो उन्हें रुपये दुगने लौटाने और जान से मारने की
धमकियां मिलने लगीं। डर और दबाव से परेशान होकर उन्होंने आखिरकार पुलिस का दरवाजा
खटखटाया। यह कथित गतिविधि अकबरपुर कोतवाली से
महज 500 मीटर की दूरी पर करीब 10 वर्षों से चल रही थी,
लेकिन अब तक
पुलिस को इसकी भनक नहीं लगी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए
तीन नाम दर्ज सहित चार लोगों पर FIR दर्ज की और डेनियल शरद सिंह,
हरिओम त्यागी और
सावित्री शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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