- Back to Home »
- Crime / Sex »
- ओवैसी की AIMIM से जुड़ा एक आरोपी गिरफ्तार,180 लड़कियों के 350 से अधिक अश्लील वीडियो बनाए....
Posted by : achhiduniya
14 April 2026
अमरावती के परतवाड़ा शहर का निवासी मोहम्मद अयाज उर्फ अयान मोहम्मद तनवीर
लंबे समय से लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर उनके साथ अपराध कर रहा था। शिकायत के
मुताबिक, आरोपी ने करीब 180 लड़कियों को निशाना
बनाया। मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है। दरअसल, महाराष्ट्र के अमरावती
में नाबालिग लड़कियों से जुड़े गंभीर अपराध का मामला सामने आया है। BJP
सांसद
की शिकायत के बाद पुलिस ने AIMIM से जुड़े एक आरोपी को
गिरफ्तार किया है। राज्यसभा सांसद डॉ.अनिल बोंडे ने इस मामले को लेकर जिला पुलिस
अधीक्षक (ग्रामीण) विशाल आनंद को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। बोंडे के अनुसार,
आरोपी
ने लड़कियों को मुंबई और पुणे ले जाकर उनके 350 से अधिक अश्लील वीडियो
बनाए। इन वीडियो के जरिए लड़कियों को ब्लैकमेल किया गया और उन्हें वेश्यावृत्ति के
दलदल में धकेलने की कोशिश की गई। ज्ञापन में यह भी उल्लेख है कि उर्दू भाषा में
व्हाट्सएप और स्नैपचैट ग्रुप बनाकर सुनियोजित तरीके से नाबालिगों को निशाना बनाया
जा रहा है। सांसद ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में एसआईटी का गठन कर
कड़ी
कार्रवाई नहीं की गई, तो बुधवार को एसपी
कार्यालय के सामने उग्र आंदोलन किया जाएगा। मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने भी पुलिस
स्टेशन पहुंचकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है,
ताकि
समाज का नाम खराब न हो। इसी बीच कुछ वीडियो और तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि मुख्य
आरोपी मोहम्मद अयाज AIMIM का पदाधिकारी रह चुका
है। वह एमआईएम शहर अध्यक्ष हाजी इरफान खान से नियुक्ति पत्र लेते हुए और असदुद्दीन
ओवैसी की सभाओं के मंच पर रील बनाते हुए देखा गया है। हालांकि,
मामला
उजागर होने के बाद उसके इंस्टाग्राम से कई वीडियो हटा दिए गए हैं। इस सनसनीखेज
मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मोहम्मद अयाज मोहम्मद तनवीर को
गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को अचलपुर न्यायालय में पेश किया,
जहां
अदालत ने उसे 21 अप्रैल तक 7 दिनों की पुलिस हिरासत
में भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। सूत्रों के
अनुसार, मोबाइल में कई लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो
मिले हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने ये वीडियो अपने
अन्य दोस्तों या किसी गिरोह को भेजे थे। साइबर सेल की मदद से सोशल मीडिया पर वायरल
हुए कंटेंट की भी पड़ताल की जा रही है।

