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- भारत और चीन अच्छे और सहयोगी पड़ोसी हैं जिन्हें अलग नहीं किया जा सकता… चीन के राजदूत शू फेहॉन्ग
Posted by : achhiduniya
01 April 2026
चीन के राजदूत शू
फेहॉन्ग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि दोनों देशों को अच्छे पड़ोसी दोस्त और
ऐसे साझेदार बनना चाहिए जो एक-दूसरे की सफलता में मदद करें।
उन्होंने इसे ड्रैगन-एलीफेंट टैंगो
की सोच को साकार करने का रास्ता बताया।
साथ ही राजदूत ने कहा कि चीन भारत के साथ रणनीतिक तालमेल बढ़ाने,
विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग
गहरा करने और लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी
कहा कि ग्लोबल साउथ के हितों को आगे बढ़ाने के लिए बहुपक्षीय मंचों पर दोनों देशों
के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। भारत और चीन के बीच कूटनीतिक संबंधों के 76
साल पूरे होने के मौके पर दोनों देशों के
नेताओं और अधिकारियों ने रिश्तों को मजबूत बनाने पर जोर दिया है। इस मौके पर भारत
में चीन के राजदूत शू फेहॉन्ग ने कहा कि भारत और चीन ऐसे
पड़ोसी हैं जिन्हें अलग
नहीं किया जा सकता और दोनों देशों के हित में है कि वे अच्छे पड़ोसी और सहयोगी
बनकर आगे बढ़ें। बता दें कि इससे पहले मुंबई में चीन के कोंसुल जनरल किन जिए ने
भारत-चीन संबंधों के भविष्य को लेकर आशावाद जताया था। चीन का भारत की तरफ
दोस्ती का हाथ बढ़ाना एक सोची-समझी कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
सीमा विवाद के कारण लंबे समय से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव रहा है,
इसलिए चीन माहौल को नरम कर बातचीत और
स्थिरता की दिशा में बढ़ना चाहता है।
दूसरी बड़ी वजह वैश्विक राजनीति है। अमेरिका
और पश्चिमी देशों के बढ़ते दबाव के बीच चीन चाहता है कि भारत उसके साथ संतुलन बनाए
रखे, न कि पूरी तरह
पश्चिमी खेमे में जाए। कुल मिलाकर, शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन टकराव कम कर अपने
हित सुरक्षित करने और क्षेत्र में स्थिरता दिखाने की रणनीति अपना रहा है। इससे
पहले मुंबई में चीन के कोंसुल जनरल किन जिए ने प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकातों का जिक्र करते हुए कहा था कि
पिछले 2 सालों
में दोनों नेताओं की 2 बार मुलाकात हुई है और रिश्ते सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने
कहा था, 'हमारे
नेताओं के मार्गदर्शन में भारत-चीन संबंध सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह दोनों
देशों के लोगों और वैश्विक स्थिरता के लिए अच्छा संकेत है।'
किन जिए ने इस साल भारत में होने वाले BRICS
शिखर सम्मेलन को भी अहम अवसर बताते हुए
कहा कि इससे दोनों देशों के आपसी संबंध और मजबूत होंगे।


