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- डीपफेक वीडियो और AI से बनाए हाई-टेक आधार कार्ड फ्रॉड का पर्दाफाश….
Posted by : achhiduniya
03 May 2026
बायोमेट्रिक सुरक्षा को अब AI के जरिए धोखा दिया जा सकता
है। पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे UIDAI की वेबसाइट या mAadhaar
ऐप के जरिए अपने आधार कार्ड
में बायोमेट्रिक डेटा को लॉक रखें। जब भी किसी सेवा के लिए उपयोग करना हो,
तो उसे अस्थायी रूप से
अनलॉक करें। दरअसल,अहमदाबाद साइबर क्राइम
ब्रांच ने एक दिन पहले एक बेहद हाई-टेक आधार कार्ड फ्रॉड का
पर्दाफाश किया है, जिसमें डीपफेक वीडियो और AI-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का
उपयोग करके बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को बायपास किया गया। यह अपनी तरह का पहला बड़ा
मामला है। जालसाजों ने पीड़ित की स्थिर फोटो को AI
टूल्स का उपयोग करके एक
एनिमेटेड वीडियो में बदल दिया, जिसमें आंखों की हरकत भी
थी। इस डीपफेक वीडियो का उपयोग आधार के लाइवनेस डिटेक्शन को
धोखा देने के लिए किया
गया। इन लोगों ने आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर और
बायोमेट्रिक डेटा को अवैध रूप से बदल दिया और OTP बायपास किया,
यानी मोबाइल नंबर बदलकर,
उन्होंने बैंक OTP
अपने पास मंगवाए,
जिससे पीड़ित को अलर्ट नहीं
मिला। गिरोह ने कॉमन सर्विस सेंटर -CSC के ऑपरेटरों के साथ मिलकर
काम किया और आधार अपडेट किट का अवैध उपयोग किया। इस तकनीक का उपयोग करके
उन्होंने एक व्यवसायी के नाम पर लोन लिया और बैंक खाते खोले। पुलिस ने 4
लोगों को गिरफ्तार किया है।
कनुभाई परमार, आशीष वनंद, मोहम्मद कैफ पटेल और दीप
गुप्ता। इसके मास्टरमाइंड आशीष वनंद, जो पहले UIDAI
की एक निजी एजेंसी में काम
करता था, को आधार सिस्टम की गहरी जानकारी थी। अहमदाबाद के थलतेज के एक
व्यवसायी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका आधार लिंक्ड नंबर बदल दिया गया है और
उन्हें OTP नहीं मिल रहे हैं। फ्रॉड करने वालों ने शिकार
के नाम पर 25,000 रुपये का लोन लिया था। साइबर क्राइम ब्रांच ने
तकनीकी निगरानी और मानवीय इंटेलिजेंस के आधार पर सभी चार आरोपियों को पकड़ा।


