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- NEET-UG 2026 प्रश्नपत्र लीक,तीन सप्ताह पहले ही सर्कुलेशन में…
Posted by : achhiduniya
13 May 2026
नीट-UG 2026 पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच कर रही है। 6 लोगों को पकड़ा जा चुका है,कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक प्रश्नपत्र
लीक होने के बाद इसकी पहली डील महाराष्ट्र के पुणे में हुई। यहीं से दलालों और
एजेंटों का नेटवर्क सक्रिय हुआ और पेपर को अलग-अलग राज्यों तक पहुंचाने का काम
शुरू किया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार राजस्थान में सबसे पहले यह पेपर सीकर
पहुंचा, जो
मेडिकल कोचिंग का बड़ा हब माना जाता है। आरोप है कि यहां कई छात्रों को परीक्षा से
पहले यही पेपर उपलब्ध कराया गया। कुछ आरोपियों ने इसे हाई लेवल गेस पेपर बताकर
बेचा,जबकि एक
आरोपी ने अपने बेटे को भी परीक्षा से पहले यही सामग्री दी थी। शुरुआती जांच में
सामने आया है कि इस पूरे मामले की शुरुआत महाराष्ट्र के नासिक
स्थित उस प्रिंटिंग
प्रेस से हुई, जहां NEET-UG
2026 के प्रश्नपत्र छापे
जा रहे थे। सूत्रों का दावा है कि शुभम खैरनार नाम का एक व्यक्ति प्रिंटिंग
प्रक्रिया से जुड़ा हुआ था। आरोप है कि उसने अपनी अंदरूनी पहुंच का फायदा
उठाकर प्रश्नपत्र की कॉपी बाहर निकाली और यहीं से लीक नेटवर्क सक्रिय हो गया। जांच में सामने आया
है कि आरोपियों ने सीधे तौर पर असली पेपर बेचने के बजाय उसे गेस पेपर का नाम दिया। इसके पीछे मकसद यह
था कि अगर सवाल वायरल भी हों तो छात्र, अभिभावक या कोचिंग संस्थान तुरंत इसे असली पेपर मानकर
शिकायत न करें,लेकिन परीक्षा के
बाद जब मिलान किया गया तो पता चला कि वायरल हुए गेस पेपर में 120
से ज्यादा सवाल हूबहू असली प्रश्नपत्र से
मैच कर रहे थे।
यहीं से पूरे मामले ने बड़ा रूप ले लिया। मामले की गंभीरता को
देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी है। मंगलवार रात सीबीआई की टीम
जयपुर पहुंची, जहां
राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) मुख्यालय में जांच को लेकर समन्वय शुरू किया गया।
सूत्रों के मुताबिक अब जांच एजेंसियां प्रिंटिंग प्रेस, डिजिटल चैट, टेलीग्राम चैनल, दलालों और संदिग्ध छात्रों के पूरे नेटवर्क को
खंगाल रही हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां इस नेटवर्क की परत-दर-परत जांच कर रही हैं
और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। बताया
जाता है कि इसके बाद डिजिटल नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया। पेपर और उससे जुड़े
सवाल टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए तेजी से फैलाए गए। जांच में सामने आया है कि यह
नेटवर्क राजस्थान, दिल्ली, बिहार, आंध्र प्रदेश समेत करीब 10 राज्यों तक पहुंच चुका था। सबसे चौंकाने वाली बात
यह है कि यह सामग्री परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले ही सर्कुलेशन में आ चुकी थी।


