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- डेंगु के खात्मे के लिए विद्यार्थियो से कराया प्रण..........
Posted by : achhiduniya
17 October 2015
डेंगू से बचना है
तो उसके मच्छर की उत्पत्ति पर अंकुश लगाना होगा। अगर लार्वा को ही नष्ट कर दिया जाए तो डेंगू के
मच्छर ही नहीं बनेंगे। पानी जमा न होने दें। विद्यार्थियों की सतर्कता से इस
बीमारी पर अंकुश लगाया जा सकता है। जिलाधिकारी सचिन कुर्वे ने मॉरिस कॉलेज के
विद्यार्थियों को डेंगू पर अंकुश के लिए शपथ दिलाई। 18 अक्तूबर को मनपा व शहर के विभिन्न शालाओं के
विद्यार्थियों को अपने घर में डेंगू मच्छर के लार्वा को खोजकर नष्ट करना है और
परिसर को स्वच्छ बनाना है।
शपथ
में विद्यार्थियों
ने साफ-सफाई, पानी
नहीं जमा
होने देने, मच्छरों
के लार्वा
खोजकर
नष्ट करने
आदि का
संकल्प
लिया। वसंतराव नाईक शासकीय कला व विज्ञान संस्था, राष्टीय सेवा योजना की तरफ से आयोजित डेंगू निर्मुलन कार्यक्रम मे संचालक डॉ. भाऊ दायदार,
डॉ.लाटे, श्रीमती थोटे,
डॉ. बनकर उपस्थित थे।साथ ही महाराष्ट्र शासन के कौशल्य विकास कार्यक्रम प्रसिध्दी व प्रसार के लिए मोबाईल व्हॅन की शुरुवात की जाएगी। ऐसी जानकारी सहाय्यक संचालक, जिल्हा कौशल्य विकास,
रोजगार व उद्योज मार्गदर्शन केंद्र, नागपूर के द्वारा प्राप्त हुई।
दूसरी
खबर....... प्रकर्ति+पुरातन के संरक्षण की मांग
नागपुर
को स्मार्ट
सिटी बनाने
का काम
शुरू होने
से कई पेड़ो
को काटने
की नौबत
सामने
आ रही
है। हाल
ही मे
महाराजबाग
के प्राणी
संग्रालय
से रास्ते
के 80 फुट
बनने से
प्राणियों
के अस्तित्व
का संकट
खड़ा होने
वाला है।वही
महाराजबाग
के आस
पास लगे
पेड़ो की
कटाई से
प्रकर्ति
को होने
वाले भयंकर
नुकसान
से नही बचाया
जा सकता।
महाराजबाग
से कुछ
ही दूरी
पर स्थित
कृषी महाविद्यालय
के विद्यार्थियो
के जीवन
से भी
खिलवाड़
किया जा
रहा है।रास्ते
के चौड़े
होने से
ट्राफिक
के कारण
होने वाले
दुर्घटनाओ
से इन्कार
नही किया
जा सकता
तथा गाड़ियो
के शोर-शराबे
और उठते
घुए से
विद्यार्थियो
के पढ़ाई
और प्राणियों
के स्वास्थय
पर बुरा
प्रभाव
होगा।जिसके
चलते इसे
तुरंत
रोका जाना
चाहिए।पूरे
शहर मे
कंक्रीट
के जाल
बिछाने
से भविष्य
के लिए
ठीक नही।
हम नागपुर
को स्मार्ट
सिटी बनाने के
विरोध
मे नही
है। लेकिन
प्रकर्ति
से खिलवाड़
और पुरानी
धरोहर
के नष्ट
होने के
खिलाफ
है। पीटीआर
परिषद
के माध्यम
से ऐसे
विचार
व मांग
वरिष्ठ
पत्रकार
उमेश बाबू
चौबे ने
व्यक्त
किए। साथ
ही वशिष्ठ
मेहता,श्यामकांत पात्रीकर,राजेश
जरगर,प्रणव
पराते,शरद
चंद्र मोहरील आदि कार्यकर्ता
उपस्थित
थे।


