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- “वाचन प्रेरणा दिन” के रूप मे.......डॉ कलाम के जयंती पर सच्ची श्र्द्धांजली
Posted by : achhiduniya
15 October 2015
शासकीय
विभाग ग्रंथालय
के तत्वाधन
नागपुर
मे स्वर्गीय
डॉ ए
पी जे
कलाम के
जन्म दिवस
कायकर्म को “वाचन प्रेरणा दिन” के
रूप मे
मनाया
गया। ज्ञान
और जानकारी से
परिपूर्ण
समाज बनाने
के लिए
आज साहित्यों
को पढ़ना
अत्यंत
आवशयक
है,ऐसे
विचार
डॉ भालचंद्र
काड़े इन्होने
स्वर्गीय
डॉ ए
पी जे
कलाम इनके
जन्म दिवस
को “वाचन
प्रेरणा
दिन” के
रूप मे
मनाकर
उक्त विचार
रखे।समाज
को जागरूक
करने और
युवाओ
मे बौद्धिक
क्षमता
के साथ
वाचन के
प्रति
यानी विज्ञान
और कंप्यूटर
के युग
मे पुस्तकों
को पढ़ने
के लिए
प्रोत्साहित
करने की
जरूरत
है।
डॉ
कलाम को
सच्ची
श्र्द्धांजली
लोगो को
पुस्तके
उपहार
के रूप
मे देने
से है।ऐसे
विचार
शिक्षण
मंत्री
विनोद
तावड़े
ने व्यक्त
किए। जिल्हा
ग्रंथालय
के तरफ
से मिले
पुस्तक
मेरे लिए
गर्व का
विषय है
ऐसा आभार
डॉ श्रीकांत
गोडबोले
ने व्यक्त
किए।पुस्तक
हमारे
जीवन को
आकार देने
के साथ
ही संवाद रखने
का भी
बड़ा जरिया
है।हमे
वे ऊँचे
शिखर पर
ले जाती
है।जिल्हा माहिती अधिकारी अनिल ठाकरे
ने भी डॉ
ए पी
जे कलाम के
जीवन पर
प्रकाश
डालते
हुए विद्यार्थियो
को वाचन के महत्व से रु-ब-रु कराने
का प्रयास
किया।
जिल्हा
माहिती
अधिकारियों
ने पुस्तके
पढ़ने पर
ज़ोर देकर
कहा की
आज हम
सभी यह प्रण
करे की
अपने दैनिक
जीवन मे
पुस्तक
वाचन करेंगे।ग्रंथपाल श्रीमती
महाजन
ने आगे
सभी को
कार्यकर्म
मे पुस्तके
उपहार
स्वरूप
देने का
विचार
रखा। “वाचाल
तर वाचाल” यानी
“पढ़ेगे
तो बचेंगे”।
व्यक्ति
व भाषा
विकास के
लिए इस
प्रकार पुस्तकों
का अधिक
से अधिक
उपयोग
होना चाहिए
ऐसे सुंदर
उदबोधन श्रीमती
सुनीता कुपेरकर ने व्यक्त
किए।
इस
कार्यकम
मे जिल्हा
माहिती
अधिकारी
अनिल ठाकरे,ग्रंथपाल
कविता
महाजन,सुनीता कुपेरकर ,लेखक
डॉ श्रीकांत
गोडबोले तथा
अनेक विद्यार्थी
उपस्थित
थे।सभी ने मिलकर मिसाइल मैन डॉ
कलाम के जयंती पर सच्ची
श्र्द्धांजली दी।
