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- रावण की थी बड़ी प्रयोगशाला.........सपना था कि सोने में सुगंध डाली जा सके......
Posted by : achhiduniya
19 March 2016
रावण
का जब भी जिक्र होता है हमेशा उसके दुर्गुणों को याद किया जाता है, लेकिन रावण में कुछ ऐसे दुर्लभ गुण और जिज्ञासाएं भी थीं जो उसे एक अलग
ही शख्सियत का दर्जा देती थीं। रावण
स्वभाव से वैज्ञानिक सोच का और बेहद महत्वाकांक्षी था। उसने हजारों साल पहले जो
सपने देखे थे आज भी वो सपने सपने ही हैं। इससे भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसके
सपने कितने बडे और जटिल थे। कहते हैं जब वह अनावश्यक रूप से युद्ध के जाल में फंस
गया, उस समय वह कई बेहद महत्वाकांक्षी प्रयोगों में जुटा था।
कुछ सालों पहले श्रीलंका में उत्तरी जाफना और बट्टिकलोवा के बेहद घने जंगलों में
श्रीलंका की सेना लिट्टे से लडते हुए कई दुर्लभ धरोहरों से रू-ब-रू हुई। इसमें घने
जंगलों के बीच गुफाओं में तीन प्रयोगशालाओं जैसे ढांचे भी पाए गए हैं। माना जाता
है कि ये वही प्रयोगशालाएं हैं, जहां रावण अपने सपनों को
साकार करने वाले प्रयोग कर रहा था।
इन प्रयोगशालाओं जैसे ढांचों में पत्थर के तमाम बडे-बडे हौज पाए गए हैं जिनमें से कुछ में कीचड नुमा गंदला पानी मौजूद था, जब श्रीलंका की सेना ने इन्हें खोजा था। हालांकि उसकी कीचड का वैश्विक स्तर पर परीक्षण नहीं हुआ कि आखिर ये क्या था, मगर माना जाता है कि कई प्रकार की धातुओं से अंत:क्रिया कराया गया यह जहरीला द्रव था। ये प्रयोगशालाएं और ऐसे ही खोजे गए कुछ हवाईअड्डे जहां से माना जाता है कि रावण अपने पुष्पक विमान उडाता था। रावण के नाम की कुख्याति के साथ कुछ जिज्ञासाएं तो जोडते ही हैं। आइए देखें और किन-किन बातों के लिए वह जाना जाता है। माना जाता है कि रावण बेहद मदिरा प्रेमी था। उसका सपना था कि वह मदिरा की दुर्गंध मिटा दे। जरा सोचिए आज भी दुनिया के तमाम वैज्ञानिकों का यही सपना है कि अगर शराब से दुर्गंध निकाली जा सके तो इसके उपभोग में कई गुना ज्यादा का विस्तार हो जाएगा। मगर तमाम कोशिशों के बाद भी दुनिया के तमाम वैज्ञानिक आज भी ऐसा नहीं कर पा रहे, जो सदियों पहले रावण करना चाहता था। दरअसल रावण अपने जमाने में विज्ञान और तकनीक का गहन जानकार था, लेकिन शराब से दुर्गंध निकाल बाहर करने का उसका ख्वाब कभी पूरा नहीं हो पाया, शायद इसलिए कि वह एक अनावश्यक युद्ध में फंस गया था।
मसलन रावण का एक और बडा सपना था कि सोने में सुगंध डाली जा सके। वह सोचता था कि अगर सोने में सुगंध पैदा हो जाए तो सोने की कीमत न सिर्फ कई गुना ज्यादा बढ जाएगी, अपितु वह इंसान के लिए बहुत सपनीला हो जाएगा। रावण का सोने से प्रेम जगविदित है। अपने इस प्रेम के चलते उसने अपना महल और लंका की तमाम इमारतों को सोने की बनवा रखा था। रावण किसी महत्वाकांक्षी आधुनिक वैज्ञानिक की तरह ही पूरी प्रकृति पर कब्जा जमाना चाहता था। रावण की एक इच्छा स्वर्ग तक सीढियां बनवाने की भी थी ताकि वो साबित कर पाता कि स्वर्ग या नरक जाने के लिए कर्मों का साथ जरूरी नहीं है। मगर यह इच्छा उसकी पूरी नहीं हुई। रावण की एक बडी इच्छा इंसान के खून का रंग बदलने की भी थी। माना जाता है कि वह चाहता था कि खून का रंग लाल होने के बजाय सफेद हो जाए। दरअसल उसने युद्ध में अनेक निर्दोष लोगों का खून बहाया था। इससे धरती खून से लाल गई थी। वह चाहता था कि खून सफेद हो जाए ताकि वह पानी के साथ मिलकर उसके अत्याचारों को छुपा दे। रावण समुद्रों का पानी मीठा करना चाहता था। क्योंकि उसकी लंका चारों तरफ समुद्र से घिरी थी। इन तमाम बातों से भले यह साबित न होता हो कि रावण वैज्ञानिक था, लेकिन एक अंदाजा तो लगता है कि उसकी सोच बहुत वैज्ञानिक दिशा की थी।
इन प्रयोगशालाओं जैसे ढांचों में पत्थर के तमाम बडे-बडे हौज पाए गए हैं जिनमें से कुछ में कीचड नुमा गंदला पानी मौजूद था, जब श्रीलंका की सेना ने इन्हें खोजा था। हालांकि उसकी कीचड का वैश्विक स्तर पर परीक्षण नहीं हुआ कि आखिर ये क्या था, मगर माना जाता है कि कई प्रकार की धातुओं से अंत:क्रिया कराया गया यह जहरीला द्रव था। ये प्रयोगशालाएं और ऐसे ही खोजे गए कुछ हवाईअड्डे जहां से माना जाता है कि रावण अपने पुष्पक विमान उडाता था। रावण के नाम की कुख्याति के साथ कुछ जिज्ञासाएं तो जोडते ही हैं। आइए देखें और किन-किन बातों के लिए वह जाना जाता है। माना जाता है कि रावण बेहद मदिरा प्रेमी था। उसका सपना था कि वह मदिरा की दुर्गंध मिटा दे। जरा सोचिए आज भी दुनिया के तमाम वैज्ञानिकों का यही सपना है कि अगर शराब से दुर्गंध निकाली जा सके तो इसके उपभोग में कई गुना ज्यादा का विस्तार हो जाएगा। मगर तमाम कोशिशों के बाद भी दुनिया के तमाम वैज्ञानिक आज भी ऐसा नहीं कर पा रहे, जो सदियों पहले रावण करना चाहता था। दरअसल रावण अपने जमाने में विज्ञान और तकनीक का गहन जानकार था, लेकिन शराब से दुर्गंध निकाल बाहर करने का उसका ख्वाब कभी पूरा नहीं हो पाया, शायद इसलिए कि वह एक अनावश्यक युद्ध में फंस गया था।
मसलन रावण का एक और बडा सपना था कि सोने में सुगंध डाली जा सके। वह सोचता था कि अगर सोने में सुगंध पैदा हो जाए तो सोने की कीमत न सिर्फ कई गुना ज्यादा बढ जाएगी, अपितु वह इंसान के लिए बहुत सपनीला हो जाएगा। रावण का सोने से प्रेम जगविदित है। अपने इस प्रेम के चलते उसने अपना महल और लंका की तमाम इमारतों को सोने की बनवा रखा था। रावण किसी महत्वाकांक्षी आधुनिक वैज्ञानिक की तरह ही पूरी प्रकृति पर कब्जा जमाना चाहता था। रावण की एक इच्छा स्वर्ग तक सीढियां बनवाने की भी थी ताकि वो साबित कर पाता कि स्वर्ग या नरक जाने के लिए कर्मों का साथ जरूरी नहीं है। मगर यह इच्छा उसकी पूरी नहीं हुई। रावण की एक बडी इच्छा इंसान के खून का रंग बदलने की भी थी। माना जाता है कि वह चाहता था कि खून का रंग लाल होने के बजाय सफेद हो जाए। दरअसल उसने युद्ध में अनेक निर्दोष लोगों का खून बहाया था। इससे धरती खून से लाल गई थी। वह चाहता था कि खून सफेद हो जाए ताकि वह पानी के साथ मिलकर उसके अत्याचारों को छुपा दे। रावण समुद्रों का पानी मीठा करना चाहता था। क्योंकि उसकी लंका चारों तरफ समुद्र से घिरी थी। इन तमाम बातों से भले यह साबित न होता हो कि रावण वैज्ञानिक था, लेकिन एक अंदाजा तो लगता है कि उसकी सोच बहुत वैज्ञानिक दिशा की थी।


