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- ऊँ की ध्वनि का महत्व जानिये वैज्ञानिक शोध प्रमाण के साथ......
Posted by : achhiduniya
06 January 2018
हिन्दू धर्म के अनुसार ऊँ के उचारण से ही सारे संसार की
उत्पति हुई है। जिसमे घड़ियो के महत्वों को भी बताया गया है। एक घडी,आधी घडी,आधी में पुनि आध…
तुलसी चरचा राम की, हरै कोटि अपराध… 1
घड़ी = 24मिनट ½ घडी़ = 12 मिनट,1/4 घडी़ = 6 मिनट। क्या
ऐसा हो सकता है कि 6 मि. में किसी साधन से करोड़ो विकार दूर
हो सकते हैं। उत्तर है,हाँ हो
सकते हैं। वैज्ञानिक शोध करके पता चला है कि सिर्फ 6 मिनट ऊँ
का उच्चारण करने से सैकडौं रोग ठीक हो जाते हैं जो दवा से भी इतनी जल्दी ठीक नहीं होते।
छः मिनट ऊँ का उच्चारण करने से मस्तिष्क मै विषेश वाइब्रेशन (कम्पन) होता है और औक्सीजन का प्रवाह पर्याप्त होने लगता है। कई मस्तिष्क रोग दूर होते हैं। स्ट्रेस और टेन्शन दूर होती है। मैमोरी पावर बढती है। लगातार सुबह शाम 6 मिनट ॐ के तीन माह तक उच्चारण से रक्त संचार संतुलित होता है और रक्त में औक्सीजन लेबल बढता है। रक्त चाप,हृदय रोग, कोलस्ट्रोल जैसे रोग ठीक हो जाते हैं। विशेष ऊर्जा का संचार होता है। मात्र 2 सप्ताह दोनों समय ॐ के उच्चारण से घबराहट, बेचैनी, भय, एंग्जाइटी जैसे रोग दूर होते हैं। कंठ में विशेष कंपन होता है मांसपेशियों को शक्ति मिलती है।
थाइराइड, गले की सूजन दूर होती है और स्वर दोष दूर होने लगते हैं। पेट में भी विशेष वाइब्रेशन और दबाव होता है। एक माह तक दिन में तीन बार 6 मिनट तक ॐ के उच्चारण से पाचन तन्त्र , लीवर, आँतों को शक्ति प्राप्त होती है, और डाइजेशन सही होता है, सैकडौं उदर रोग दूर होते हैं। उच्च स्तर का प्राणायाम होता है, और फेफड़ों में विशेष कंपन होता है। फेफड़े मजबूत होते हैं, स्वसनतंत्र की शक्ति बढती है, 6 माह में अस्थमा, राजयक्ष्मा (T.B.) जैसे रोगों में लाभ होता है। आयु बढती है। ये सारे रिसर्च (शोध) विश्व स्तर के वैज्ञानिक स्वीकार कर चुके हैं। जरूरत है छः मिनट रोज करने की। नोट:- ॐ का उच्चारण लम्बे स्वर में करें। आप सदा स्वस्थ और प्रसन्न रहे यही मंगल कामना अच्छी दुनिया टीम की तरफ से आपा सभी मित्रो को ।
छः मिनट ऊँ का उच्चारण करने से मस्तिष्क मै विषेश वाइब्रेशन (कम्पन) होता है और औक्सीजन का प्रवाह पर्याप्त होने लगता है। कई मस्तिष्क रोग दूर होते हैं। स्ट्रेस और टेन्शन दूर होती है। मैमोरी पावर बढती है। लगातार सुबह शाम 6 मिनट ॐ के तीन माह तक उच्चारण से रक्त संचार संतुलित होता है और रक्त में औक्सीजन लेबल बढता है। रक्त चाप,हृदय रोग, कोलस्ट्रोल जैसे रोग ठीक हो जाते हैं। विशेष ऊर्जा का संचार होता है। मात्र 2 सप्ताह दोनों समय ॐ के उच्चारण से घबराहट, बेचैनी, भय, एंग्जाइटी जैसे रोग दूर होते हैं। कंठ में विशेष कंपन होता है मांसपेशियों को शक्ति मिलती है।
थाइराइड, गले की सूजन दूर होती है और स्वर दोष दूर होने लगते हैं। पेट में भी विशेष वाइब्रेशन और दबाव होता है। एक माह तक दिन में तीन बार 6 मिनट तक ॐ के उच्चारण से पाचन तन्त्र , लीवर, आँतों को शक्ति प्राप्त होती है, और डाइजेशन सही होता है, सैकडौं उदर रोग दूर होते हैं। उच्च स्तर का प्राणायाम होता है, और फेफड़ों में विशेष कंपन होता है। फेफड़े मजबूत होते हैं, स्वसनतंत्र की शक्ति बढती है, 6 माह में अस्थमा, राजयक्ष्मा (T.B.) जैसे रोगों में लाभ होता है। आयु बढती है। ये सारे रिसर्च (शोध) विश्व स्तर के वैज्ञानिक स्वीकार कर चुके हैं। जरूरत है छः मिनट रोज करने की। नोट:- ॐ का उच्चारण लम्बे स्वर में करें। आप सदा स्वस्थ और प्रसन्न रहे यही मंगल कामना अच्छी दुनिया टीम की तरफ से आपा सभी मित्रो को ।


