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बिना इजाजत लगाए गए धार्मिक स्थलों, मस्जिदों, मंदिरों, गुरुद्वारों गिरिजाघरों के लाउडस्पीकर पर गिरेगी गाज... इलाहाबाद हाईकोर्ट
Posted by : achhiduniya
07 January 2018
देश के ध्वनि प्रदूषण नियमन एवं नियंत्रण नियम, 2000 में यह प्रावधान है कि ऑडिटोरियम, कांफ्रेंस रूम, कम्यूनिटी हॉल जैसे बंद स्थानों को
छोड़कर रात 10 बजे से प्रातःछह बजे तक लाउडस्पीकरों का प्रयोग
नहीं किया जायेगा। राज्य सरकार को यह छूट है कि वह एक कैलेन्डर वर्ष में अधिकतम 15
दिनों के लिए सांस्कृतिक या धार्मिक अवसरों पर रात 10 बजे से रात 12 बजे के बीच ध्वनि प्रदूषण कम करने की
शर्तों के साथ लाउडस्पीकर बजाने की छूट दे सकती है। सरकार ने 10 पृष्ठ का लाउडस्पीकर के सर्वेक्षण का प्रोफार्मा जारी किया है। इसमें
स्थायी रूप से लाउडस्पीकर लगाने की इजाजत लेने का फॉर्म और जिन लोगों ने
लाउडस्पीकर लगाने की इजाजत नहीं ली है, उनके खिलाफ की गयी
कार्रवाई की विस्तृत जानकारी देने को कहा गया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिये सार्वजनिक स्थानों पर लगे स्थायी लाउडस्पीकरों के बारे में रविवारक विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये हैं। प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार ने रविवार को बताया, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) के प्राविधानों का कड़ाई से अनुपालन करने के संबंध में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने इस संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने 20 दिसंबर को राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए यह पूछा था कि क्या प्रदेश के मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों, गिरिजाघरों एवं अन्य सभी सरकारी स्थानों पर बजने वाले लाउडस्पीकरों के लिए अनुमति ली गयी है? अदालत की लखनऊ खंडपीठ ने प्रदेश के धार्मिक स्थलों एवं अन्य सरकारी स्थानों पर बिना सरकारी अनुमति के लाउडस्पीकर बजाने पर सख्त ऐतराज जताया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिये सार्वजनिक स्थानों पर लगे स्थायी लाउडस्पीकरों के बारे में रविवारक विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये हैं। प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार ने रविवार को बताया, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) के प्राविधानों का कड़ाई से अनुपालन करने के संबंध में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने इस संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने 20 दिसंबर को राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए यह पूछा था कि क्या प्रदेश के मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों, गिरिजाघरों एवं अन्य सभी सरकारी स्थानों पर बजने वाले लाउडस्पीकरों के लिए अनुमति ली गयी है? अदालत की लखनऊ खंडपीठ ने प्रदेश के धार्मिक स्थलों एवं अन्य सरकारी स्थानों पर बिना सरकारी अनुमति के लाउडस्पीकर बजाने पर सख्त ऐतराज जताया था।

