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- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नवजात बच्चों की मौत पर झूठ बोल रहे है.....डॉ. कफील खान
Posted by : achhiduniya
27 August 2018
उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को एक भाषण
के दौरान कहा था कि बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में पिछले साल अगस्त में 24
घंटों के दौरान बड़ी संख्या में बच्चों के मरने की घटना को वहां की 'आंतरिक राजनीति' के कारण हवा मिली थी। पिछले साल 10/11
अगस्त को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में ऑक्सिजन की कमी की वजह से बड़ी
संख्या में मरीज बच्चों की मौत की खबर सुनकर उन्हें दो वर्ष पुरानी एक ऐसी ही घटना
याद आई थी, जब एक मीडिया रिपोर्टर ने अस्पताल कर्मियों
द्वारा वार्ड में ना घुसने देने के कारण उपजी नाराजगी में गलत खबर दे दी थी। सीएम
ने कहा कि बीआरडी में बच्चों की मौत ऑक्सिजन की कमी से
नहीं हुई थी। सीएम योगी के इस बयान के बाद अब कॉलेज में
तैनात रहे डॉ. कफील खान ने
उन्हें झूठा बताया है।
डॉ. कफील ने आरोप लगाया कि सीएम इस मामले में राजनीति कर रहे हैं और लोगों को भ्रमित भी कर रहे हैं। इस मामले में बीआरडी के तत्कालीन बाल रोग विभाग के इंचार्ज रहे और इस केस के आरोपी डॉ. कफील ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो कहा, वह गलत है। कई ऐसे नवजात बच्चों की भी मौत ऑक्सिजन की कमी से हुई थी जिन्हें इन्सेफेलाइटिस नहीं था। ऑक्सिजन के सप्लायर ने साफ अस्पताल प्रशासन को लिखा था कि उसका भुगतान किया जाए ताकि अस्पताल में ऑक्सिजन सप्लाई बाधित न हो। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में ऑक्सिजन की कमी के चलते पिछले साल 10/11 अगस्त को 24 घंटों के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में 30 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई थी।
आरोप लगाया गया था कि ये मौतें ऑक्सिजन सप्लाई कम्पनी को भुगतान न होने कारण उसके ऑक्सिजन की आपूर्ति बाधित किए जाने की वजह से हुईं। डॉ. कफील खान ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाया कि वह खुद इस मामले में राजनीति कर रहे हैं। इतना ही नहीं डॉ. कफील ने सीएम पर लोगों को गुमराह करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर बच्चों की मौत ऑक्सिजन की कमी से नहीं हुई थी तो यूपी सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में दिए शपथपत्र में यह बात क्यों स्वीकार की है? इतना ही नहीं एक आरटीआई के जवाब में सरकार की ओर से यह बात मानी गई है।
डॉ. कफील ने आरोप लगाया कि सीएम इस मामले में राजनीति कर रहे हैं और लोगों को भ्रमित भी कर रहे हैं। इस मामले में बीआरडी के तत्कालीन बाल रोग विभाग के इंचार्ज रहे और इस केस के आरोपी डॉ. कफील ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो कहा, वह गलत है। कई ऐसे नवजात बच्चों की भी मौत ऑक्सिजन की कमी से हुई थी जिन्हें इन्सेफेलाइटिस नहीं था। ऑक्सिजन के सप्लायर ने साफ अस्पताल प्रशासन को लिखा था कि उसका भुगतान किया जाए ताकि अस्पताल में ऑक्सिजन सप्लाई बाधित न हो। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में ऑक्सिजन की कमी के चलते पिछले साल 10/11 अगस्त को 24 घंटों के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में 30 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई थी।
आरोप लगाया गया था कि ये मौतें ऑक्सिजन सप्लाई कम्पनी को भुगतान न होने कारण उसके ऑक्सिजन की आपूर्ति बाधित किए जाने की वजह से हुईं। डॉ. कफील खान ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाया कि वह खुद इस मामले में राजनीति कर रहे हैं। इतना ही नहीं डॉ. कफील ने सीएम पर लोगों को गुमराह करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर बच्चों की मौत ऑक्सिजन की कमी से नहीं हुई थी तो यूपी सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में दिए शपथपत्र में यह बात क्यों स्वीकार की है? इतना ही नहीं एक आरटीआई के जवाब में सरकार की ओर से यह बात मानी गई है।


