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- शारदीय नवरात्र के नौ दिन मां के अलग-अलग रूपों की पूजा 10 अक्टूबर से....
Posted by : achhiduniya
08 October 2018
तब ब्रह्मा जी ने उन्हें बताया कि दैत्यराज का अंत किसी कुंवारी कन्या के हाथों से ही संभव है। तब सभी देवों ने मिलकर अपने-अपने सम्मिलित ओज और तेज से देवी के विभिन्न अंगों की रचना की। भोलेशंकर के तेज से मां दुर्गा का मुख, यमराज के तेज से केश, भगवान विष्णु के तेज से दोनों भुजाएं, चंद्रमा के तेज से वक्ष, इंद्र के तेज से कमर, वरुण के तेज से जांघें, पृथ्वी के तेज से कूल्हे, ब्रह्मा के तेज से पांव, सूर्य के तेज से उंगलियां, प्रजापति के तेज से दांत, अग्नि के तेज से आंख, संध्या के तेज से भौंहे, वायु के तेज से कर्ण एवं अन्य देवताओं के तेज से विभिन्न अंगों का निर्माण हुआ।
इसके बाद अग्नि ने मां दुर्गा को शक्ति एवं बाणों से भरा तरकश, महेश ने त्रिशूल, लक्ष्मी ने कमल, भगवान विष्णु ने चक्र, प्रजापति ने मणियों की माला एवं अन्य देवताओं ने अपने अपने प्रतीक और अस्त्र दिये। इसके अलावा मां दुर्गा की अट्ठारह भुजाओं में विभिन्न देवी देवताओं ने अपने आभूषण भेंट किये। इन सभी प्रतीकों और अस्त्रों से पूर्ण हो जाने के बाद मां दुर्गा को आदिशक्ति माना जाने लगा। कहा जाता है कि ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने मां दुर्गा की ही शक्ति से सृष्टि का निर्माण किया और अन्य देवताओं ने भी मां दुर्गा की ही शक्ति लेकर जनमानस का कल्याण किया।
# दूसरी खबर:- शीतला माता मंदिर में नवरात्रि महोत्सव.....
नागपुर:- नवरात्रि त्यौहार 10 से 21 अक्टूबर तक बालाजी नगर मैदान, मानवाड़ा रोड में शितला माता मंदिर में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में, 11-दिवसीय कार्यक्रम बुधवार, 10 अक्टूबर, सुबह 9 बजे आयोजित किया जाएगा। घट स्थापना और आरती होगी। रास गरबा गुरुवार, 11 व 12 अक्टूबर 7 बजे के बाद उसी स्थान पर होंगे।
16 मई को भव्य फाइनल पुरस्कार वितरित किया जाएगा। 13 और 14 को, डांस फॉर चाइल्ड, बुधवार 17 अक्टूबर को सुबह 10 बजे, गृह, हवन, पूर्णआहुती दी जाएगी। 18 अक्टूबर को 5.30 बजे शोभा यात्रा निकलेगी। विजया दशमी और दशहरा मिलान 6.30 बजे आयोजित किया जाएगा। 19 को 6 बजे विशाल जस जागरण का आयोजन किया गया। भव्य महाप्रसाद को 6.30 बजे वितरित किया जाएगा और मंदिर में तीव्र लौ स्थापित की जाएगी। इसके अलावा, रास-गरबा त्यौहार के लिए बहुत उत्साह से होगा।
शहर के पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। यह जानकारी शितला माता मंदिर के प्रचार प्रमुख देवराव प्रधान ने पत्र परिषद के माध्यम से दी।




