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- नकली सिक्कों की मार्केटिंग में टोल प्लाजा होते है साफ्ट टार्गेट....
Posted by : achhiduniya
21 May 2019
हरियाणा पुलिस ने हाल ही में नकली सिक्के बनाने वाली एक फैक्ट्री पकड़ी है। सिक्के बनाने और बाज़ार में उन्हें चलाने वाले लोग भी पकड़े गए हैं। जानकारी के मुताबिक, फैक्ट्री में 10 और 5 रुपये के सिक्के बनाए जा रहे थे। फैक्ट्री फरीदाबाद के बहादुरगढ़ में चलाई जा रही थी। पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अन्य अरोपियों के साथ-साथ एक युवती को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस की जानकारी के अनुसार ये युवती तैयार नकली सिक्कों की मार्केटिंग करती थी।
युवती ने पंजाब नेशनल बैंक के नाम से
एक फर्जी लेटरहेड तैयार किया हुआ था। युवती खुद को सिक्के चलाने के लिए बैंक की ओर
से नियुक्त की गई बताती थी। खास बात यह है कि सिक्के बनाने वाला यह गिरोह सिक्कों
की पैकिंग के बाद उस पर टकसाल की मोहर भी लगाता था, जिससे किसी को
कोई शक न हो। आरोपी युवती के अनुसार, सिक्के चलाने
के लिए उनका सॉफ्ट टॉरगेट टोल प्लाजा होते हैं। यहां आसानी से बड़ी संख्या में
सिक्के चल जाते हैं।
इसके अलावा दूसरे शहरों में ऐसी बड़ी दुकानें तलाशी जाती हैं, जहां ग्राहकों की भीड़-भाड़ ज्यादा रहती है। मोटा
कमीशन मिलने के लालच में हर कोई आसानी से सिक्के लेने को तैयार हो जाता है। आरोपी 60 से 70 रुपये में 100 रुपये के
सिक्के देते थे। ज्यादा पूछताछ होने पर बताते थे कि बैंक के पास सिक्के बहुत हैं
और टारगेट के हिसाब से बेचने भी हैं, इसलिए ऑफर के
साथ बेचे जा रहे हैं।


