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- सेक्स इंजॉयमेंट [प्यार] के लिए है परफॉर्मेंस [ताकत दिखाने] के लिए नहीं..
Posted by : achhiduniya
09 July 2019
पुरुषों के मन में जो सबसे बड़ा डर होता है वो है अपने पीनिस के
साइज को लेकर जिसकी वजह से उन्हें लगता है कि कहीं उनकी पार्टनर असंतुष्ट ही न रह
जाए। महिलाएं भी अक्सर बड़ा है तो बेहतर है का कॉन्सेप्ट ही मानकर चलती हैं। यही
वजह है कि पुरुषों के मन में अक्सर पार्टनर को संतुष्ट न कर पाने का डर रहता है। पुरुषों
को यह समझने की जरूरत है कि जब बात सेक्शुअल परफॉर्मेंस की आती है तो वे खुद को ही
मात नहीं दे सकते। बिस्तर में हर बार बेहतर परफॉर्म करने की उत्तेजना आपके अंदर से
जब आएगी तभी आप बेहतर सेक्स कर पाएंगे।
आपको याद रखना होगा कि आप सेक्स इंजॉयमेंट
के लिए कर रहे हैं परफॉर्मेंस के लिए नहीं। लिहाजा सेक्स को लेकर अपनी सभी चिंताओं
को भूलकर एक्ट को इंजॉय करना सीखें। आमतौर पर ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि पुरुष, अपनी फीमेल पार्टनर की तुलना में सेक्शुअली
ज्यादा ऐक्टिव होते हैं। लेकिन कई बार पुरुषों के मन में सेक्स को लेकर कुछ ऐसी
आशंकाएं भी होती हैं जिसे लेकर उनके मन में तरह-तरह डर उत्पन्न हो जाते हैं जिससे
कई बार उनकी सेक्शुअल लाइफ बर्बाद भी हो जाती हैं। इस तरह की आशंकाएं अगर मन में
हो तो पुरुष सेक्स को इंजॉय भी नहीं कर पाते और उनका पैशन भी खत्म हो जाता है।
पुरुष
इस बारे में जितना ज्यादा सोचते हैं उतना ही समस्या बढ़ती जाती है। बेहतर है कि
साइज की चिंता किए बिना अपनी फीमेल पार्टनर की जरूरतों को समझें, उनके सेंसेटिव पार्ट्स को उत्तेजित करें, पार्टनर की बॉडी के साथ स्ट्रॉन्ग कनेक्शन बनाएं
और फिर उन्हें प्यार करें। पुरुष अक्सर सेक्स के बारे में जानकारी जुटाने के लिए
पॉर्न फिल्में देखते हैं। वह पॉर्न फिल्मों में दिखाए गए ऐक्ट को अपने पार्टनर के
साथ दोहराने की कोशिश करते हैं और कई बार इसमें सफल न होने पर ये सोचकर निराश हो
जाते हैं कि उनमें कुछ कमी है।
पुरुषों को समझना होगा कि बिस्तर में पार्टनर संग
सेक्स करने के लिए किसी तरह के पॉर्न एक्सपीरियंस की जरुरत नहीं होती। अपनी फीमेल
पार्टनर को प्यार करने और उसकी जरूरतों को समझकर आप हेल्दी सेक्शुअल लाइफ जी सकते
हैं। इसके लिए पॉर्न ऐक्ट से इन्स्पिरेशन लेने की जरूरत नहीं। पुरुषों की कोशिश
होती है कि वह अपने फीमेल पार्टनर को पूरी तरह खुश कर पाएं लेकिन इस दौरान उन्हें
खुद के चरम सुख यानी ऑर्गैज्म तक पहुंचने की भी चिंता होती है जो उनके जल्दी
इजैक्युलेट होने से जुड़ी होती है। परफॉर्मेंस प्रेशर की वजह से प्रीमच्योर
इजैक्युलेशन का सामना कर रहे पुरुषों की सेक्स लाइफ खराब हो जाती है।
मेडिकल साइंस
के हिसाब से जो पुरुष अपने इजैक्युलेशन को एक मिनट तक रोक सकते हैं, वे नॉर्मल होते हैं,लेकिन ज्यादातर पुरुषों को यह पता ही नहीं होता।
वे पॉर्न मूवीज और गलत ऐड देखकर यह मान लेते हैं कि चूंकि वह देर तक सेक्स नहीं कर
पाते इसलिए प्रीमच्योर इजैक्युलेशन का शिकार हैं। ऐसे पुरुषों की समस्या ज्यादातर
उनके खुद की निगेटिव सोच का नतीजा होती है।




