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बजाव पुंगी, हटाव लुंगी….दादा बालासाहेब ठाकरे के नारे के साथ लुंगी पहन मैदान में उतरा पोता आदित्य ठाकरे...
Posted by : achhiduniya
15 October 2019
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए वर्ली से उम्मीदवार आदित्य
ठाकरे मुंबई में बसे दक्षिण भारतीय वोटरों को लुभाने के
लिए लुंगी पहनकर प्रचार करने पहुंचे। यह बात इसलिए चर्चा में है क्योंकि 70 के दशक में शिवेसना के संस्थापक और आदित्य के दादा बाला साहेब
ठाकरे ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत ही दक्षिण भारतीयों को मुंबई से भगाने के
साथ शुरू की थी। बाला साहेब ने उस दौर में नारा दिया था- 'बजाव पुंगी, हटाव लुंगी'। अब जब बाला साहेब के परिवार से पहली बार चुनाव
मैदान में उतरे आदित्य वोट की खातिर खुद लुंगी पहनकर प्रचार करने निकले हैं। राजनीतिक गलियारे में चर्चा शुरू
हो चुकी है कि क्या शिवसेना ने अपना
राजनीतिक एजेंडा बदलने की तैयारी में है। महाराष्ट्र के मराठाओं की हितैषी बताने
वाली शिवसेना क्या अब इस मुद्दे से अपना
फोकस हटा रही है।
क्या मराठी माणूस के नाम पर आंदोलन करते रहने वाली शिवसेना ने अपना नया राजनीतिक रास्ता चुनने का फैसला लिया है? उद्धव ठाकरे ने जब
आदित्य को मुंबई के वर्ली विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया तभी से चर्चा शुरू हो
चुकी थी कि बदलते दौर में बाला साहेब का परिवार अब सीधे तौर से सत्ता में आना चाह रहा
है। अब जब बाला साहेब के पोते आदित्य वर्ली के गोपालनगर में लुंगी (वेष्टी) पहनकर
प्रचार करने निकले तो चर्चा शुरू हो गई है कि क्या शिवसेना अपने मूल मुद्दों से हटना चाह रही है।
ठाकरे परिवार ने इससे
पहले कभी भी सीधे तौर से चुनाव में नहीं उतरा है। आदित्य ठाकरे परिवार के पहले सदस्य हैं, जो
चुनावी मैदान में उतरे हैं। आदित्य ने जैसे ही वर्ली में प्रचार शुरू किया तो 'केम छो वर्ली' गुजराती होर्डिंग्स से चर्चा
हुई हो गई। कई भाषाओं में शिवसेना के चुनावी
प्रचार के पोस्टर दिखाई दिए। लुंगी पहनकर
चुनावी सभा में पहुंचे आदित्यन ने कहा कि आप मुझे इस कपड़े में देखकर इसे
कंट्रोवर्सी ना समझें। मेरा सभी लोगों ने सम्मान किया है, मैं भी सभी का सम्मान करता हूं।


