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- कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी पर धारा 144 का उल्लंघन करने व सीएए प्रदर्शनकारियों को संबोधित करने पर उत्तर प्रदेश योगी सरकार ने जारी किया 1.04 करोड़ रुपये का नोटिस..
कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी पर धारा 144 का उल्लंघन करने व सीएए प्रदर्शनकारियों को संबोधित करने पर उत्तर प्रदेश योगी सरकार ने जारी किया 1.04 करोड़ रुपये का नोटिस..
Posted by : achhiduniya
16 February 2020
कांग्रेस के टिकट
पर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से 2019 के लोकसभा चुनाव में खड़े होने वाले नेता इमरान प्रतापगढ़ी को
सीएए प्रदर्शनकारियों को संबोधन के दौरान धारा 144 का उल्लंघन करने के मामले में 1.04 करोड़ रुपये का नोटिस जारी हुआ है। यह नोटिस एडिशनल सिटी
मजिस्ट्रेट राजेश कुमार ने जारी किया है। नोटिस में इमरान से कहा गया है कि क्यों
न ईदगाह और उसके आसपास के क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात
किए गए सुरक्षाबल पर खर्च हुए 1.04 करोड़ रुपये को उनसे वसूला
जाए। वहीं 6 फरवरी को जारी हुए इस नोटिस को इमरान ने विपक्ष की आवाज को चुप
कराने के लिए भाजपा द्वारा की जा रही दबाव की रणनीति करार दिया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पुलिस और अर्धसैनिक
बलों पर हर दिन 13 लाख 42 हजार
रुपये खर्च होते हैं, इसमें रैपिड एक्शन फोर्स का एक
दस्ता, प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी का आधा हिस्सा और ईदगाह पर तैनात
पुलिस बल शामिल है। इसलिए आठ दिनों के हिसाब से उन पर किया गया खर्च 1.04 करोड़ रुपये हैं।
जिसे अब सरकार ने इमरान से वसुलने का मन
बनाया है। वसूली के लिए आए नोटिस पर प्रतापगढ़ी ने सफाई देते हुए कहा कि मैं
मुरादाबाद 7 फरवरी को पहुंचा था,लेकिन
नोटिस 6 फरवरी को जारी हुआ है। मैंने एसपी (सीटी) और प्रशासन को अपने
आने की सूचना पहले ही दे दी थी। मैंने देशभर में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन और
धरने में भाग लिया है, लेकिन वहां मुझे इस तरह का कोई
नोटिस नहीं मिला। उपमुख्यमंत्री केशव
प्रसाद मौर्य हाल ही में मुरादाबाद आए थे और सीएए के समर्थन में एक बड़ी सभा को
संबोधित किया,
लेकिन उनके लिए धारा 144 प्रभावी नहीं है। एसीएम राजेश कुमार ने बताया कि अगर जिले में
धारा 144 लागू है तो किसी भी तरह की भीड़ गैर-कानूनी है। पुलिस ने हमें 6 फरवरी को प्रतापगढ़ी के आने को लेकर सूचित किया था। इसलिए हमने
उन्हें उसी दिन नोटिस जारी किया। इस तरह के नोटिस एहतियात के तौर पर उन लोगों को
चेतावनी देने के लिए जारी किए जाते हैं जो कानून और व्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर
सकते हैं।

