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- “आरती” और “अजान” पर छीड़ी सियासी जंग....
Posted by : achhiduniya
01 December 2020
शिवसेना की
दक्षिण मुंबई इकाई के प्रमुख पांडुरंग सकपाल ने एक उर्दू न्यूज पोर्टल को इंटरव्यू देते हुए कहा कि वह
दक्षिण मुंबई में एक मुस्लिम कब्रिस्तान के पास रहता है और उसे 'अज़ान' का पाठ बहुत अच्छा लगता है और
वह इसे सुनना पसंद करता है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम बच्चों के लिए काम वाले 'MY Foundation' नाम के NGO के पदाधिकारियों ने उनसे मुलाकात कर लॉकडाउन के दौरान बच्चों को
घर पर रखने के लिए सुझाव मांगा। इस पर उन्होंने ऑनलाइन 'अज़ान' प्रतियोगिताओं का आयोजन करने का सुझाव दिया ताकि बच्चे घर के अंदर रहें। उन्होंने
कहा कि यह सिर्फ एक सुझाव था, कोई घोषणा नहीं। शिवसेना के एक नेता को मस्जिद में होने वाली 'अजान' को मंदिरों में होने वाली 'आरती' की तरह सुरीली बताया इतना ही नही नेताजी ने 'अजान' को बढ़ावा देने के लिए मुस्लिम बच्चों में 'अजान गायन' की प्रतियोगिता करवाने
का सुझाव भी दिया। नेताजी के इस बयान पर
अब बीजेपी शिवसेना पर हमलावर हो गई है। उनकी टिप्पणी पर सवाल उठने पर सकपाल ने
उल्टे प्रश्न दाग दिया कि हरेक टिप्पणी को धर्म के चश्मे से कैसे देखा जा सकता है।
वहीं उनके बयान पर विवाद बढ़ते देख शिवसेना के
प्रवक्ता और राज्य के परिवहन मंत्री अनिल परब ने पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा कि
उन्हें सकपाल के कमेंट की जानकारी नहीं है। अनिल परब ने कहा कि इस बारे में सकपाल
ही बेहतर बता सकते हैं।


