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- पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा से बड़ा विवाद....
Posted by : achhiduniya
27 April 2023
मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के संत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
ने कहा कि भगवान परशुराम ने जब एक बार में ही इस धरती को क्षत्रियों से विहिन कर
दिया था तो यह 20 बार क्षत्रिय कहां से आए। शास्त्री ने कहा कि
यहां पर बहुत से बुद्धि और तर्क के लोग ब्राह्मण और क्षत्रियों में आपस में टकराने
के लिए उपाय करते रहते हैं कि भूमि 21 बार
क्षत्रीय विहिन कर दी गई। जब एक बार ही क्षत्रियों को मार दिया गया तो 20 बार क्षत्रिय कहां से आए। 21वीं बार
की जरुरत क्या पड़ी। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि ये
क्षत्रिय अचानक
से प्रकट कहां से हो जाते थे। इस पर थोड़ी सी चर्चा करते हैं। शास्त्री ने कहा,सहस्त्रबाहू जिस वंश से था, उस वंश
का नाम था हैहय वंश, हैहय वंश के विनाश के लिए
भगवान परशुराम ने परसा अपने हाथ में उठाया। हैहयवंश का राजा बड़ा ही कुकर्मी, साधुओं पर अत्याचार करने वाला था। ऐसे आताताइयों के खिलाफ भगवान
परशुराम ने परसा उठाया और शास्त्र में कहा गया है कि साधु का काम ही है कि दुष्टों
को ठिकाने लगाते रहना और उन्होंने हैहय वंश के
राजाओं को मारना प्रारंभ किया, लेकिन शास्त्र की मर्यादाओं का पालन करते हुए कभी भी न तो
स्त्रियों पर अपना परसा उठाया, न ही बालकों पर अपना परसा
उठाया, न बालिकाओं पर अपना परसा उठाया। जब एक बार आताताई राजाओं को मार
दिया फिर उनके बच्चों को हाथ नहीं लगाया, और जब
वह बच्चे युवा हुए और उन्होंने भी अत्याचार प्रारंभ किया और उन्होंने भी अपने पिता
का बदला लेने के लिए भगवान परशुराम पर आक्रमण किया तो फिर भगवान परशुराम ने उन
आताताइयों का वध किया, फिर उनकी संतान हुई फिर उनका
वध किया। ऐसे क्रम में 21 बार पृथ्वी को क्षत्रीय विहिन
किया। पंडित धीरेंद्र
कृष्ण शास्त्री द्वारा श्री राजराजेश्वर सहस्त्रबाहू जी पर
की गई टिप्पणी के बाद अब हैहयवंश से जुड़े लोगों ने विरोध जताया है। सोशल मीडिया
पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से माफी मांगने और पुलिस से एफआईआर दर्ज कराने
मांग की गई है।
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