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- बुलडोजर-एनकाउंटर में अव्वल न्याय प्रक्रिया में सबसे पीछे उत्तर प्रदेश....
Posted by : achhiduniya
26 April 2023
न्याय रिपोर्ट 2022 के आंकडो के अनुसार 18 राज्यों में उत्तर प्रदेश न्याय की प्रक्रिया में सबसे पीछे चला गया है। सबसे अंत
में 18वें नंबर पर है। यह न्याय रिपोर्ट टाटा ट्रस्ट की पहल है। इसे दक्ष, कॉमनवेल्थ
ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव, कॉमन कॉज, सेंटर फॉर सोशल जस्टिस, विधि
सेंटर फॉर लीगल पॉलिसी और टीआईएसएस ने मिलकर तैयार किया है। इससे पहले यह रिपोर्ट
2019 में जारी हुई थी। हाईकोर्ट के विभिन्न राज्यों के आंकड़े बताते हैं कि
पेंडिंग केसों के मामले में उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों की तुलना में टॉप पर है।
यहां
लंबित मामलों की फाइलों की गिनती सबसे ज्यादा है। इसका अंदाजा आप ऐसे लगा
सकते हैं कि उत्तर प्रदेश में करीब 11 साल पहले के भी कई केस आज तक लंबित हैं। यूपी
के बाद लंबित मामलों की लिस्ट में दूसरा नंबर पश्चिम बंगाल का है। वहीं, इस क्रम में त्रिपुरा का सबसे बेहतर प्रदर्शन है। यहां लंबित
केस बेहद कम हैं। न्याय दिलाने के मामले में कर्नाटक सभी राज्यों से आगे है। वहीं, तमिलनाडु दूसरे तो तेलंगाना तीसरे स्थान पर है। न्याय रिपोर्ट
के आंकड़े कहते हैं कि उत्तर प्रदेश
न्याय दिलाने के मामले में राजस्थान, बिहार, पश्चिमी बंगाल और उत्तराखंड से
भी पीछे है। 19 मार्च 2017 को योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद
की जिम्मेदारी संभाली थी। तमाम रिपोर्ट्स कहती हैं कि उत्तर प्रदेश में पिछले छह
साल में पुलिस और अपराधियों के बीच 9,434 से
ज्यादा एकनकाउंटर हो चुके हैं। इन एनकाउंटर में 183 अपराधियों को पुलिस ने अपनी
गोली का शिकार बनाया है। इस दौरान 5,046
अपराधियों को अरेस्ट सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
इन एनकाउंट में 13
पुलिसकर्मी भी शहीद हुए। 1,443 पुलिसकर्मी जख्मी भी हुए
हैं। यह रिपोर्ट राज्यों में पुलिस, जेल और
कानूनी सहायता जैसे क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का आंकलन कर तैयार की गई है। आंकलन
के बाद राज्यों के न्याय दिलाने के मामलों की रिपोर्ट तैयार कर रैंकिंग की गई है।
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