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- मोबाइल ऐप से धर्मांतरण के 3 स्टेप, मुस्लिम बनाने का घिनौना षड्यन्त्र.. जैन परिवार बना शिकार
Posted by : achhiduniya
04 June 2023
बीते 30 मई को राजनगर निवासी
एक व्यक्ति ने थाना कविनगर में संजयनगर सेक्टर-23 की मस्जिद के मौलवी और मुंबई
निवासी BADDO नामक शख्स पर उप्र विधि-विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम-2021 के तहत FIR दर्ज कराई थी। पीड़ित
पिता के अनुसार, मेरा नाबालिग बेटा पिछले कुछ वक्त से परिवार के साथ अजीब-अजीब तरह का व्यवहार
कर रहा है। वह घर से पांच बार जिम करने की बात कहकर निकल जाता था और कई-कई घंटे
बाद वापस आता था। मुझे जब शक हुआ तो मैंने उसका पीछा किया। फिर पता चला कि वह संजय
नगर सेक्टर-23 की मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए जाता है। ये देखकर मेरे पैरों तले जमीन खिसक
गई। मैंने
इस बारे में फिर अपने बेटे से बात की। उसने इस्लाम को अन्य धर्म से
बेहतर बताया और कहा कि वह मन से इस्लाम धर्म को स्वीकार कर चुका है। मैंने जब बेटे
के मोबाइल-लैपटॉप की जांच की, तो उसमें इस्लाम धर्म से जुड़ी
ढेरों सामग्रियां मिली। गौरतलब है
की यूपी के गाजियाबाद में जैन परिवार के नाबालिग
बेटे के धर्मांतरण मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जिम जाने के बहाने
लड़का जिस मस्जिद में 5 बार नमाज पढ़ने के लिए जाता था, उस मस्जिद कमेटी के पूर्व सदस्य अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया गया
है।
खुलासा हुआ है कि एक ऐसा गैंग एक्टिव था, जो ऑनलाइन गेम
जिताने के लिए कुरान की आयतें पढ़वाता था। फिर ब्रेनवॉश करके उनका धर्मांतरण कराता
था।
आरोपी के मोबाइल से धर्मांतरण से जुड़े सबूत भी
मिले हैं। पुलिस ने आज इस केस में अब्दुल रहमान नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। ये
पूर्व में संजयनगर सेक्टर-23 की मस्जिद कमेटी का सदस्य था। दो महीने पहले ही इसे
कमेटी से बाहर निकाल दिया गया था। पूछताछ में अब्दुल रहमान ने बताया, मैं गैर मुस्लिम
लड़कों को इस्लाम के बारे में बताता था। इसी क्रम में मेरी पहचान एक साल पहले दो
नाबालिग लड़कों से हुई। इसमें एक जैन और दूसरा हिन्दू
था। मैंने इस्लाम को सर्वोपरि
बताकर इन दोनों को उकसाया। ये मेरी बातों से प्रभावित हो चुके थे और नमाज पढ़नी भी
शुरू कर दी थी। लेकिन जैन फैमिली को इसका पता चल गया। पकड़े जाने के डर से
मैंने
अपने मोबाइल की सारी हिस्ट्री और चैट डिलीट कर दी।पुलिस ने इस केस में तीन पीड़ित
बच्चों से पूछताछ की है। इसमें पता चला है कि धर्मांतरण के तीन स्टेप थे। पहले
स्टेप में एक ऐसा गैंग एक्टिव था जो मुस्लिम या अन्य धर्मों के नाम से ID बनाकर
मोबाइल-कम्प्यूटर पर Fort Nite ऐप पर गेम्स खेलता था। अगर कुछ लड़के गेम हार जाते थे
तो उन्हें कुरान की आयत पढ़वाई जाती थी और फिर उन्हें गेम जिताकर कुरान का भरोसा
कायम किया जाता था।
सेकेंड स्टेप में Discord App के द्वारा मुस्लिम लड़के हिन्दू
नाम की यूजर आईडी बनाकर हिन्दू लड़कों से चैटिंग करते थे। उन्हें इस्लामिक
रीति-रिवाज अपनाने के लिए बहला-फुसलाते थे। तीसरे स्टेज में वे प्रतिबंधित
इस्लामिक प्रवक्ता जाकिर नाईक के कुछ वीडियो स्पीच सुनाकर इस्लाम अपनाने के लिए
प्रेरित करते थे। साथ ही वे इस्लामिक कल्चर और रीति-रिवाज के संबंध में सारी
जानकारी उपलब्ध कराते थे। जिस जैन फैमिली के नाबालिग लड़के ने मुंबई के BADDO नामक व्यक्ति से
ऑनलाइन संपर्क किया था, उसकी मूल पहचान खान शहनवाज मकसूद के रूप में हुई है। वो महाराष्ट्र में ठाणे
का रहने वाला है। गाजियाबाद पुलिस की एक टीम शहनवाज को पकड़ने के लिए महाराष्ट्र
रवाना हो गई है।