- Back to Home »
- State News , Suggestion / Opinion »
- महाराष्ट्र की झूठी,निर्दयी,निर्लज सरकार से कोई उम्मीद नहीं...अनशन पर बैठे जरांगे को राज ठाकरे ने दी नसीहत...
महाराष्ट्र की झूठी,निर्दयी,निर्लज सरकार से कोई उम्मीद नहीं...अनशन पर बैठे जरांगे को राज ठाकरे ने दी नसीहत...
Posted by : achhiduniya
31 October 2023
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख
राज ठाकरे
ने सोशल मीडिया साइट “X” पर यह चिट्ठी लिखी है। राज ठाकरे ने चिट्ठी में सरकार पर भी
हमला किया है। राज ठाकरे ने कहा, यहां की राजनीतिक व्यवस्था भयावह
है। ये सिर्फ आपसे वोट चाहते हैं। एक बार मिल जाए फिर वे सारे वादे भूल जाएंगे। सरकार
का उस मांग से कोई लेना-देना नहीं है जिसके लिए आप उपवास कर रहे हैं। आपसे निवेदन
है कि आप अपना उपवास तुरंत बंद कर दें क्योंकि ऐसे झूठे और लापरवाह लोगों के लिए
अपनी जान देना सही नहीं है। ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार पर तंज करते हुए कहा कि
जाति के नाम पर वोट मांगने और झूठे वादे करना इनका उद्योग है। हमने उनके लिए वोट
किया क्योंकि लगता था कि वे हमारे लिए कुछ करेंगे। एक बार नहीं कई बार वोट किया। उन्होंने
इसका फायदा उठाया। ये लोग कितने निर्दयी हैं।
इनके लिए अपनी जान मत देना बहुत
परेशान करने वाली बात है कि गांव के युवा इनके लिए आत्महत्या कर रहे हैं। राज
ठाकरे ने कहा, जिस महाराष्ट्र ने इस देश को आलोकित
किया, विचार दिया, स्वाभिमान के साथ जीना सिखाया, उसमें जातिवाद का जहर मिल गया तो महाराष्ट्र को उत्तर प्रदेश
और बिहार बनने में देर नहीं लगेगी। अब हम सभी को सावधान रहना जरूरी है। हमारे
राजनेता जो घिनौनी राजनीति कर रहे हैं उसका अंत करना हमारा पहला कर्तव्य है।
हमें
अभी भी बहुत काम करना है। हमने शुरुआत से ही कहा है कि आर्थिक मापदंड पर आरक्षण
मिले। हमारे बच्चों को उन्नत शिक्षा और सम्मानजनक रोजगार प्रदान करना आसानी से
संभव हो। बस इसके बारे में जागरूक होने की जरूरत है। हम एक संगठन बनाएंगे और बाहरी
राज्यों से सीखेंगे। हमें रोजगार सृजन करना और उस पर अन्य प्रांतों को अधिकार देना
बंद करना चाहिए। ठाकरे ने आगे लिखा,हमारे
महाराष्ट्र के युवाओं और महिलाओं को नहीं पता कि हमारे शहर में क्या-क्या नौकरियां
हैं। आपको इस पर बहुत काम है इसलिए अब उपवास करके अपनी जिंदगी बर्बाद मत करो। मैं
महाराष्ट्र सरकार से इस पत्र के माध्यम से महाराष्ट्र विधानसभा का विशेष सत्र
बुलाने का अनुरोध करता हूं। सबको पता चले कि सरकार किस कानून और नियम के तहत आरक्षण
देगी। महाराष्ट्र से केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज कर रास्ता बनाने को कहना चाहिए।
तब तक निवेदन है कि आप अपना उपवास बंद कर दें। आओ मिलकर एक बेहतर और स्थायी समाधान
बनाने के लिए काम करें। मैं और मेरी पार्टी आपके काम में आपके साथ है,लेकिन मैं
चाहता हूं कि आप इस गंदे और असंवेदनशील शासन के लिए अपनी जान जोखिम में न डालें। लड़ाई बड़ी है। हम कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेंगे। एक ही पार्टी को
बार बार चुनने का यह नतीजा है। फिर वो हमारा फायदा उठाते रहते हैं। इसे बदलने की
जरूरत है। हमें पूरे महाराष्ट्र के बारे में सोचना चाहिए। सब मराठी एक है सोचना
चाहिए। अगर हम ऐसा करेंगे तो ही महाराष्ट्र में सुख-शांति पैदा करके महाराष्ट्र को
एक बार फिर गौरवशाली शिखर पर ला सकेंगे।
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)